बाड़े में अचानक दिखा अजगर, एक बत्तख को बनाया शिकार; सुबह का मंजर देख परिवार रह गया स्तब्ध
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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** भूलसीडीह, कोरबा। जिले के भूलसीडीह गांव में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब हीरा उरांव के फार्म हाउस में पाले गए तीन बत्तखों में से एक अचानक गायब नजर आया। परिवार ने सुबह बत्तखों को बाहर आने के लिए आवाज लगाई तो दो बत्तखें बाहर आ गईं, लेकिन तीसरी काफी देर तक बाहर नहीं आई। अनहोनी की आशंका में जब परिजनों ने बाड़े के भीतर झांककर देखा तो उनके होश उड़ गए।
बाड़े के अंदर एक अजगर ने बत्तख को अपने शिकंजे में ले रखा था। यह दृश्य देखकर परिवार में घबराहट फैल गई। मामले की जानकारी तत्काल वन विभाग से जुड़े वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम प्रमुख एवं वन विभाग सदस्य जितेंद्र सारथी को दी गई।
सूचना मिलते ही जितेंद्र सारथी ने रेस्क्यू टीम के सदस्य राजू बर्मन और राकेश मानिकपुरी को मौके पर रवाना किया। टीम ने फार्म हाउस पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और सावधानीपूर्वक निर्धारित रेस्क्यू प्रक्रिया का पालन करते हुए अजगर को सुरक्षित बाहर निकाला।
रेस्क्यू के बाद अजगर को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उसके प्राकृतिक आवास जंगल में छोड़ दिया गया, जिससे वन्यजीव भी सुरक्षित रहे और ग्रामीणों के लिए संभावित खतरा भी टल गया।
वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचाने की अपील
रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि सांप सहित सभी वन्यजीव हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ग्रामीण अथवा शहरी क्षेत्र में यदि किसी घर, फार्म हाउस, बाड़े या गांव में सांप अथवा कोई अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो घबराकर उसे मारने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए तत्काल वन विभाग अथवा अधिकृत वन्यजीव रेस्क्यू टीम को सूचना देनी चाहिए। प्रशिक्षित टीम ही सुरक्षित तरीके से वन्यजीव का रेस्क्यू कर उसे उसके प्राकृतिक आवास में वापस पहुंचा सकती है।
वन्यजीव रेस्क्यू हेल्पलाइन:
8817534455 | 7999622151
भूलसीडीह की यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि जंगल और मानव बस्तियों के बीच वन्यजीवों की आवाजाही स्वाभाविक है। ऐसे समय में सावधानी, संयम और वन विभाग की सहायता ही इंसान और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा का बेहतर रास्ता है।







