महिला नेतृत्व पर राहुल गांधी के बयान से सियासी संग्राम तेज, संतोष पांडेय का पलटवार—कांग्रेस को बताया महिला सम्मान के मामले में कटघरे में
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भाजपा सांसद संतोष पांडेय का तीखा हमला—भारत की संस्कृति, सभ्यता और महिला शक्ति को लेकर कांग्रेस पर उठाए सवाल
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** रायपुर। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी वार-पलटवार तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय ने राहुल गांधी पर तीखा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके बयान भारत की संस्कृति, सभ्यता और ऐतिहासिक विरासत के प्रति कांग्रेस की सोच को उजागर करते हैं।
संतोष पांडेय ने कहा कि राहुल गांधी को देश के राजनीतिक इतिहास और महिला नेतृत्व की उपलब्धियों की जानकारी रखनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि भारत के विभिन्न राज्यों में महिलाओं ने मुख्यमंत्री के रूप में नेतृत्व किया है और देश की राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
महिला नेतृत्व के इतिहास की लंबी सूची गिनाकर कांग्रेस पर हमला
भाजपा सांसद ने महिला मुख्यमंत्रियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सुचेता कृपलानी, नंदिनी सतपथी, शशिकला काकोदकर, सैयदा अनवरा तैमूर, जानकी रामचंद्रन, जयललिता, मायावती, राजिंदर कौर भट्ठल, राबड़ी देवी, सुषमा स्वराज, शीला दीक्षित, उमा भारती, वसुंधरा राजे, ममता बनर्जी, आनंदीबेन पटेल, महबूबा मुफ्ती और रेखा गुप्ता जैसी महिलाओं ने विभिन्न राज्यों में मुख्यमंत्री के रूप में नेतृत्व किया है।
उन्होंने कहा कि भारत का राजनीतिक इतिहास महिला नेतृत्व की उपलब्धियों से भरा हुआ है। ऐसे में देश की महिलाओं और उनके योगदान को कमतर आंकने वाला कोई भी राजनीतिक विमर्श स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
‘कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता उजागर’
संतोष पांडेय ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी की कथित महिला विरोधी मानसिकता समय-समय पर सामने आती रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी महिला शक्ति के सम्मान और राजनीतिक भागीदारी को प्राथमिकता देती है, जबकि कांग्रेस पर उन्होंने महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण को लेकर दोहरे रवैये का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल राजनीतिक मुद्दे के रूप में देखने के बजाय उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में वास्तविक भागीदारी देना जरूरी है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना
भाजपा सांसद ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस कानून को लेकर जिस तरह की राजनीति की, उससे उनकी महिला सशक्तिकरण को लेकर प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े होते हैं।
संतोष पांडेय ने कहा कि एक तरफ महिलाओं को राजनीतिक नेतृत्व में अधिक अवसर देने की कोशिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं के बयानों से महिलाओं के सम्मान को लेकर विरोधाभास दिखाई देता है।
‘देश की जनता सब देख रही है’
भाजपा सांसद ने कहा कि भारत की जनता राजनीतिक दलों के बयानों और उनके व्यवहार दोनों को देख रही है। उनके अनुसार, महिलाओं की भूमिका, भारतीय संस्कृति और देश की राजनीतिक विरासत पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी को जनता गंभीरता से लेती है।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल बयानबाजी से राजनीति नहीं चल सकती। जनता के सामने यह स्पष्ट होना चाहिए कि राजनीतिक दल वास्तव में महिला सम्मान और सशक्तिकरण के लिए क्या कर रहे हैं।
भाजपा ने राहुल गांधी के बयान को बनाया राजनीतिक मुद्दा
राहुल गांधी के बयान पर संतोष पांडेय की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा भाजपा-कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस का नया केंद्र बनता दिखाई दे रहा है। भाजपा जहां इसे भारतीय संस्कृति और महिला सम्मान से जोड़कर कांग्रेस पर हमला कर रही है, वहीं इस बयान के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
संतोष पांडेय ने अपने बयान के अंत में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भारत की संस्कृति, सभ्यता, विरासत और महिला शक्ति का अपमान देश की जनता स्वीकार नहीं करेगी।
भाजपा सांसद के इस आक्रामक पलटवार ने राहुल गांधी के बयान को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी का तापमान और बढ़ा दिया है।







