रिश्तों की नई दुनिया ऑनलाइन: 1400 से अधिक युवक-युवतियां जुड़ेंगे अग्रवाल समाज के वैवाहिक परिचय सम्मेलन में
1 min read



22-23 अगस्त को दो दिवसीय ऑनलाइन वैवाहिक परिचय सम्मेलन; देश ही नहीं विदेशों से भी मिल रहे पंजीयन, मोबाइल-कंप्यूटर से घर बैठे जुड़ेंगे प्रतिभागी
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा। बदलते दौर में रिश्तों की तलाश भी डिजिटल मंच तक पहुंच गई है। इसी सोच को साकार करते हुए छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन द्वारा आगामी 22 एवं 23 अगस्त 2026 को दो दिवसीय ऑनलाइन वैवाहिक परिचय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का उद्देश्य अग्रवाल समाज के विवाह योग्य युवक-युवतियों को ऐसा व्यापक मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी पसंद, परिवार की अपेक्षाओं और आपसी परिचय के आधार पर जीवनसाथी की तलाश को आगे बढ़ा सकें।
संगठन के चेयरमैन श्री अशोक मोदी ने बताया कि सम्मेलन को लेकर समाज में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक 1400 से अधिक पंजीयन हो चुके हैं, जिनमें लगभग 800 युवक और 600 युवतियां शामिल हैं। खास बात यह है कि आयोजन में केवल पहली बार विवाह करने वाले युवक-युवतियों तक ही सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि विधुर एवं विधवा प्रतिभागियों को भी इसमें शामिल होने का अवसर दिया जा रहा है।
देश की सीमाओं से आगे, विदेशों तक पहुंचा रिश्तों का मंच
इस ऑनलाइन सम्मेलन की सबसे खास बात इसका व्यापक दायरा है। छत्तीसगढ़ के साथ देश के अलग-अलग राज्यों में रहने वाले अग्रवाल समाज के परिवारों के अलावा विदेशों में निवासरत युवक-युवतियों ने भी सम्मेलन के लिए पंजीयन कराया है।
ऑनलाइन माध्यम ने दूरी की बाधा को लगभग समाप्त कर दिया है। प्रतिभागी अपने घर या कार्यस्थल से मोबाइल अथवा कंप्यूटर के माध्यम से सम्मेलन से जुड़ सकेंगे। ऐसे में अलग-अलग शहरों और देशों में रहने वाले परिवारों को एक ही मंच पर संवाद और परिचय का अवसर मिल सकेगा।
1400 से ज्यादा पंजीयन ने बढ़ाई आयोजन की उम्मीदें
अब तक सामने आए पंजीयन के आंकड़े सम्मेलन के प्रति समाज की रुचि को दर्शाते हैं। करीब 800 युवक और 600 युवतियों का पंजीयन इस बात का संकेत है कि अग्रवाल समाज में वैवाहिक संबंधों के लिए संगठित एवं आधुनिक मंच की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
संगठन का प्रयास है कि अधिक से अधिक इच्छुक प्रतिभागी इस पहल से जुड़ें और उन्हें योग्य जीवनसाथी की तलाश के लिए व्यापक विकल्प उपलब्ध हो सकें।
मंगल परिणय आयोग की टीम ने संभाली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
सम्मेलन को सफल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के मंगल परिणय आयोग की संयोजिका श्रीमती शोभा केडिया, कोरबा के नेतृत्व में टीम पूरी सक्रियता के साथ जुटी हुई है। टीम में श्रीमती रजनी डालमिया एवं श्रीमती शशि अग्रवाल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
पंजीयन प्रक्रिया, प्रतिभागियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने, ऑनलाइन व्यवस्था को व्यवस्थित रखने तथा सम्मेलन के संचालन से जुड़ी तैयारियों को लेकर टीम लगातार कार्य कर रही है।
‘दूरी नहीं बनेगी रिश्तों में रुकावट’—ऑनलाइन पहल की खासियत
आज के डिजिटल युग में जहां युवा शिक्षा, रोजगार और व्यवसाय के कारण अलग-अलग शहरों एवं देशों में रह रहे हैं, वहीं पारंपरिक वैवाहिक परिचय कार्यक्रमों में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। ऐसे में यह ऑनलाइन सम्मेलन दूरी को अवसर में बदलने की पहल के रूप में सामने आया है।
मोबाइल और कंप्यूटर के माध्यम से जुड़ने की सुविधा के कारण प्रतिभागियों को लंबी यात्रा, समय और अन्य व्यवस्थाओं की चिंता के बिना परिचय सम्मेलन का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा।
अशोक मोदी ने जताई सफलता की उम्मीद
संगठन के चेयरमैन श्री अशोक मोदी ने आयोजन से जुड़े सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाजहित में इस प्रकार के आयोजन बेहद उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन माध्यम के जरिए देश-विदेश में बसे अग्रवाल समाज के लोगों को एक साझा मंच पर जोड़ना संभव हो रहा है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस दो दिवसीय वैवाहिक परिचय सम्मेलन से बड़ी संख्या में युवक-युवतियों और उनके परिवारों को लाभ मिलेगा तथा कई परिवारों को योग्य जीवनसाथी की तलाश में नई दिशा मिलेगी।
22 और 23 अगस्त को बनेगा रिश्तों का डिजिटल संगम
दो दिनों तक चलने वाला यह आयोजन केवल परिचय सम्मेलन नहीं, बल्कि बदलते समय के साथ समाज की जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ने की एक पहल के रूप में देखा जा रहा है। 1400 से अधिक पंजीयन, देश के विभिन्न राज्यों से सहभागिता और विदेशों तक पहुंच ने इस आयोजन को खास बना दिया है।
अब सभी की निगाहें 22 और 23 अगस्त को होने वाले इस ऑनलाइन सम्मेलन पर टिकी हैं, जहां तकनीक के माध्यम से रिश्तों के नए द्वार खुलेंगे और अनेक परिवारों को अपने योग्य जीवनसाथी की तलाश में नई उम्मीद मिल सकती है।







