गांव-गांव गूंजने लगा ‘गणपति बप्पा मोरया’, गणेशोत्सव की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार
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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** सुपतराई–तुमान मार्ग पर नए स्थान पर आकार ले रहीं आकर्षक गणेश प्रतिमाएं, मूर्तिकार श्याम दिवाकर पेंटर के यहां बढ़ी प्रतिमाओं की मांग
तुमान। गणेशोत्सव की आहट के साथ ही ग्रामीण अंचलों में भक्ति और उत्साह का माहौल बनने लगा है। गांव-गांव सार्वजनिक गणेश प्रतिमा स्थापना की तैयारियां तेज हो गई हैं। गणेश उत्सव समितियां पंडाल, विद्युत सजावट, पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटी हैं, वहीं दूसरी ओर मूर्तिकार भगवान गणेश की आकर्षक प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। आगामी 14 सितंबर को गणपति बप्पा के विराजमान होने को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
नए स्थान पर भी बप्पा की प्रतिमाओं की बढ़ी मांग
सुपतराई–तुमान मार्ग पर इस वर्ष मूर्ति निर्माण का कार्य नए स्थान पर शुरू किया गया है। स्थान परिवर्तन के बावजूद श्रद्धालुओं और गणेश उत्सव समितियों का उत्साह कम नहीं हुआ है। आसपास के गांवों से लगातार लोग प्रतिमाओं की बुकिंग और खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं।
छत्तीसगढ़ कलाकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं मूर्तिकार श्याम दिवाकर पेंटर के मार्गदर्शन में कलाकार भगवान गणेश की विभिन्न आकार और आकर्षक स्वरूप वाली प्रतिमाओं को तैयार करने में जुटे हुए हैं। श्रद्धालुओं की पसंद और मांग के अनुरूप प्रतिमाओं को विशेष रूप दिया जा रहा है।
मिट्टी से मूर्ति तक, कलाकारों की मेहनत ला रही आकार
गणेश प्रतिमाओं के निर्माण में कलाकार पहले मिट्टी और अन्य आवश्यक सामग्री से प्रतिमा का मूल स्वरूप तैयार करते हैं। इसके बाद बारीकी से आकार देने, रंग-रोगन, मुकुट, आभूषण और आकर्षक सजावट का कार्य किया जाता है। एक प्रतिमा को अंतिम रूप देने में कई दिनों की मेहनत लगती है।
मूर्तिकारों का कहना है कि भगवान गणेश की प्रतिमा तैयार करना केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि आस्था और श्रद्धा से जुड़ा कार्य है। इसी भावना के साथ प्रत्येक प्रतिमा को आकर्षक और मनमोहक स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
14 सितंबर को घर-घर और पंडालों में विराजेंगे प्रथम पूज्य
गणेश उत्सव समितियों द्वारा 14 सितंबर को विधि-विधान के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पंडाल निर्माण, विद्युत सजावट, पूजा सामग्री सहित अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रतिमा स्थापना के बाद कई स्थानों पर आरती, भजन-कीर्तन और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारी है।
बच्चों से बुजुर्गों तक उत्साह, समितियों में बढ़ी सक्रियता
गणेशोत्सव को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। सार्वजनिक गणेश प्रतिमा स्थापना की परंपरा गांवों में लगातार मजबूत हो रही है। यही वजह है कि स्थानीय मूर्तिकारों के पास छोटी से लेकर बड़ी प्रतिमाओं तक की मांग लगातार बढ़ रही है।
मूर्तिकार श्याम दिवाकर पेंटर ने बताया कि नए स्थान पर मूर्ति निर्माण शुरू करने के बावजूद श्रद्धालुओं का लगातार पहुंचना उत्साहजनक है। ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिमाओं की मांग मिल रही है और कलाकार श्रद्धालुओं की पसंद के अनुरूप प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं।
अब गांव-गांव गूंजेगा ‘गणपति बप्पा मोरया’
गणेशोत्सव की तारीख नजदीक आने के साथ ही ग्रामीण अंचलों में तैयारियां और तेज होने की उम्मीद है। कहीं पंडाल सजेंगे, कहीं आकर्षक विद्युत सजावट नजर आएगी तो कहीं भक्ति गीतों और आरती की गूंज सुनाई देगी। प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे कलाकारों की मेहनत जल्द ही रंग लाएगी और क्षेत्र के गांव-गांव में ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष के साथ भक्ति और उल्लास का वातावरण देखने को मिलेगा।







