झीरम के शहीदों पर सियासत नहीं, पहले कांग्रेस अपने गिरेबान में झांके : भाजपा
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प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय का दीपक बैज पर तीखा हमला—“शहादत को राजनीतिक हथियार बनाना बंद करें, जनता सब देख रही है”
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने झीरम घाटी नक्सली हमले के शहीदों को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे राजनीतिक आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पर निशाना साधते हुए कहा कि झीरम घाटी जैसी हृदयविदारक घटना को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का माध्यम बनाना शहीदों और उनके परिवारों के प्रति संवेदनहीनता है।
पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को आज शहीदों की चिंता दिखाई दे रही है, लेकिन जब उनकी सरकार सत्ता में थी, तब झीरम मामले की जांच, साक्ष्यों और शहीद परिवारों को न्याय दिलाने को लेकर उनकी भूमिका पर गंभीर सवाल उठते रहे। उन्होंने सवाल किया कि यदि कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पास झीरम मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत होने का दावा था, तो उन्हें संबंधित जांच एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत क्यों नहीं किया गया?
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस को वर्तमान सरकार पर सवाल उठाने से पहले अपने शासनकाल का हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस झीरम की संवेदनशील घटना को बार-बार राजनीतिक बहस में खींचकर वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
“बस्तर अब भय से नहीं, विकास और तिरंगे से पहचाना जा रहा”
शिवनारायण पाण्डेय ने कहा कि आज बस्तर में सुरक्षा, शांति और विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। जिन क्षेत्रों में कभी नक्सली आतंक के कारण भय का वातावरण था, वहां अब लोकतंत्र और राष्ट्रध्वज की मौजूदगी मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर में तिरंगा लहराने और विकास की गति बढ़ने से कांग्रेस को राजनीतिक असहजता महसूस हो रही है।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय तक बस्तर की जनता नक्सली हिंसा का दंश झेलती रही और कांग्रेस की सरकारों के दौरान नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का अभाव दिखाई दिया। भाजपा सरकार अब नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ते हुए बस्तर को शांति और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रही है।
“शहीदों की शहादत राजनीति का हथियार नहीं”
पाण्डेय ने कहा कि झीरम घाटी के शहीदों के प्रति पूरा देश श्रद्धावनत है। उनकी शहादत किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि राष्ट्र की अमूल्य विरासत है। इसलिए कांग्रेस नेताओं को आरोपों की राजनीति करने के बजाय यदि उनके पास कोई ठोस तथ्य या प्रमाण हैं तो उन्हें संबंधित संवैधानिक और जांच संस्थाओं के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए।
उन्होंने दीपक बैज से कहा कि शहीदों के नाम पर बयानबाजी करने के बजाय कांग्रेस अपने शासनकाल में किए गए कार्यों और झीरम मामले से जुड़े सवालों का जवाब दे। पाण्डेय ने कहा कि जनता अब भावनात्मक राजनीति नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और बस्तर में स्थायी शांति चाहती है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने अंत में कहा कि झीरम के शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि नक्सलवाद का पूरी तरह अंत और बस्तर में शांति, सुरक्षा व विकास की स्थापना है। उन्होंने कांग्रेस से शहीदों की शहादत पर राजनीति बंद कर गंभीर और जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने की अपील की।


