August 10, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में जुटेंगे 30 राज्यों के हजारों व्यापारी प्रतिनिधि, जीएसटी सरलीकरण से लेकर व्यापारी पेंशन और सुरक्षा तक पर बनेगी रणनीति
छत्तीसगढ़ के व्यापारी हितों की मजबूत पैरवी करेंगे प्रदेश अध्यक्ष अशोक मोदी, प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल की रहेगी विशेष सहभागिता
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// **  कोरबा। देश के व्यापारिक जगत के लिए 9 अगस्त 2026 का दिन बेहद महत्वपूर्ण होने जा रहा है। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के 45वें स्थापना दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में विशाल व्यापारी महासम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय महासम्मेलन में देश के करीब 30 राज्यों से हजारों व्यापारी, व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी और प्रतिनिधि एक मंच पर जुटेंगे। सम्मेलन में व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं, कर व्यवस्था की जटिलताओं, सामाजिक सुरक्षा और बदलते व्यापारिक परिदृश्य को लेकर गंभीर मंथन किया जाएगा।
इस महासम्मेलन को व्यापारियों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने के बड़े मंच के रूप में देखा जा रहा है। सम्मेलन में केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री, सांसद, व्यापारी कल्याण बोर्ड के पदाधिकारी तथा देशभर के प्रमुख व्यापारी नेता शामिल होंगे।
केंद्रीय मंत्री और सांसद होंगे शामिल
महासम्मेलन में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री राम मेघवाल, केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, व्यापारी कल्याण बोर्ड के राष्ट्रीय चेयरमैन सुनील संघवी, छत्तीसगढ़ के दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल सहित अनेक केंद्रीय मंत्री एवं सांसद सहभागिता करेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता करेंगे। राष्ट्रीय वरिष्ठ महामंत्री मुकुंद मिश्रा, व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य सुनील पाण्डेय सहित राष्ट्रीय पदाधिकारी और विभिन्न राज्यों से पहुंचे व्यापारी प्रतिनिधि भी महासम्मेलन में मौजूद रहेंगे।
छत्तीसगढ़ की आवाज दिल्ली में होगी बुलंद
महासम्मेलन में छत्तीसगढ़ की ओर से प्रदेश अध्यक्ष अशोक मोदी के नेतृत्व में व्यापारी प्रतिनिधियों का दल शामिल होगा। प्रदेश चेयरमैन सुधीर बंसल, राजेश बंसल, हेमचंद जोशी, हरीश पटवाल, अनिल अग्रवाल सहित प्रदेश के अनेक पदाधिकारी एवं व्यापारी प्रतिनिधि दिल्ली पहुंचेंगे।
प्रदेश के प्रतिनिधि राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ के व्यापारियों की समस्याओं और सुझावों को प्रमुखता से रखने की तैयारी में हैं। इससे प्रदेश के छोटे, मध्यम और स्थानीय व्यापारियों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर आवाज मिलने की उम्मीद है।
जीएसटी व्यवस्था के सरलीकरण की जोरदार मांग
महासम्मेलन में सबसे प्रमुख मुद्दों में जीएसटी व्यवस्था का सरलीकरण शामिल रहेगा। व्यापारियों का कहना है कि कर संबंधी प्रक्रियाओं की जटिलता और बार-बार आने वाले नोटिसों के कारण व्यापारियों को काफी समय और संसाधन कर संबंधी औपचारिकताओं में लगाना पड़ता है।
महासम्मेलन में जीएसटी विभाग द्वारा अनावश्यक नोटिसों पर रोक लगाने, जीएसटी प्रक्रियाओं को आसान और पारदर्शी बनाने तथा व्यापारियों को अनावश्यक प्रक्रियात्मक परेशानियों से राहत देने की मांग प्रमुखता से रखी जाएगी।
पुराने सर्विस टैक्स और एक्साइज के मामलों के समाधान की मांग
व्यापारियों द्वारा लंबे समय से लंबित पुराने सर्विस टैक्स एवं एक्साइज टैक्स के मामलों के शीघ्र निराकरण का मुद्दा भी राष्ट्रीय मंच पर उठाया जाएगा। इसके साथ ही आयकर के पुराने लंबित प्रकरणों को समाप्त करने तथा सेस की राशि के रिफंड जैसे विषयों पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।
व्यापारी संगठनों का मानना है कि वर्षों से लंबित पुराने कर मामलों के कारण व्यापारियों को लगातार प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। ऐसे मामलों के समयबद्ध समाधान से व्यापार जगत को राहत मिल सकती है।
व्यापारियों के लिए बीमा, सुरक्षा और पेंशन की मांग
महासम्मेलन में व्यापारियों की सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठेगा। व्यापारियों के लिए अलग व्यापारी बीमा योजना, व्यापारी सुरक्षा योजना और व्यापारी पेंशन योजना लागू किए जाने की मांग रखी जाएगी।
व्यापारी संगठनों का कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यापारियों के लिए भी सामाजिक सुरक्षा का मजबूत ढांचा होना चाहिए, ताकि विपरीत परिस्थितियों में व्यापारी और उनके परिवार आर्थिक असुरक्षा का सामना न करें।
ऑनलाइन कारोबार के बढ़ते प्रभाव पर भी मंथन
बदलते व्यापारिक दौर में ऑनलाइन कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में स्थानीय बाजारों और छोटे व्यापारियों के सामने उत्पन्न हो रही चुनौतियां भी महासम्मेलन के प्रमुख विषयों में शामिल रहेंगी।
स्थानीय छोटे व्यापारियों को संरक्षण एवं प्रोत्साहन देने, रेहड़ी-पटरी और लघु व्यापारियों के हितों की रक्षा करने तथा बदलते बाजार में उन्हें प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के संबंध में प्रभावी नीतियों की मांग सरकार के सामने रखी जाएगी।
अशोक मोदी बोले—व्यापारी की मजबूती से मजबूत होगी अर्थव्यवस्था
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष अशोक मोदी ने कहा कि देश का व्यापारी वर्ग अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। करोड़ों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देने वाला व्यापार जगत देश की आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करता है। इसके बावजूद व्यापारी वर्ग को अनेक प्रकार की व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि 9 अगस्त का दिल्ली महासम्मेलन व्यापारियों की एकजुटता का राष्ट्रीय मंच बनेगा। छत्तीसगढ़ सहित देशभर के व्यापारियों की वास्तविक समस्याओं और सुझावों को मजबूती के साथ केंद्र सरकार के सामने रखा जाएगा तथा उनके व्यावहारिक समाधान की दिशा में ठोस पहल की मांग की जाएगी।
अशोक मोदी ने कहा कि जीएसटी सरलीकरण, पुराने कर मामलों का निराकरण, अनावश्यक नोटिसों से राहत, व्यापारियों की सुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा और छोटे स्थानीय व्यापारियों के संरक्षण जैसे मुद्दे वर्तमान समय में बेहद महत्वपूर्ण हैं।
छत्तीसगढ़ के व्यापारियों से सुझाव मांगे
प्रदेश अध्यक्ष अशोक मोदी ने छत्तीसगढ़ के व्यापारियों और व्यापारिक संगठनों से आह्वान किया है कि वे अपने क्षेत्र की व्यापारिक समस्याओं और महत्वपूर्ण सुझावों को प्रदेश व्यापार मंडल तक पहुंचाएं। इन सुझावों को संकलित कर राष्ट्रीय महासम्मेलन के माध्यम से संबंधित स्तर पर रखने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के व्यापारी की समस्या केवल प्रदेश की समस्या नहीं है, बल्कि देश के व्यापारिक ढांचे से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए व्यापारियों को संगठित होकर अपनी बात मजबूती से रखने की आवश्यकता है।
“व्यापारी मजबूत होगा तो बाजार मजबूत होगा”
अशोक मोदी ने कहा कि “व्यापारी मजबूत होगा तो बाजार मजबूत होगा, बाजार मजबूत होगा तो अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तो देश और मजबूत होगा।”
उन्होंने प्रदेश के व्यापारियों से राष्ट्रीय महासम्मेलन को सफल बनाने और व्यापारिक हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने के इस अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया।
दो सत्रों में होगा महासम्मेलन
9 अगस्त को आयोजित यह महासम्मेलन प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक दो सत्रों में चलेगा। दोनों सत्रों में व्यापारियों की वर्तमान समस्याओं, व्यापार को सरल बनाने की आवश्यकता, कर व्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा, ऑनलाइन कारोबार के प्रभाव और सरकार की व्यापार नीतियों पर विस्तार से चर्चा होगी।
इसके बाद व्यापारियों की प्रमुख मांगों और सुझावों को केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने की दिशा में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
कुल मिलाकर 45वें स्थापना दिवस पर आयोजित यह महासम्मेलन देशभर के व्यापारियों को एक मंच पर लाकर उनकी सामूहिक शक्ति और समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर आवाज देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि दिल्ली के इस महासम्मेलन से व्यापारियों के लिए कौन-कौन से ठोस निर्णय और नीतिगत पहल सामने आती हैं।

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