स्वच्छता के सिपाही आयुक्त के सम्मान में एकजुट हुआ कोरबा, निगम अधिकारियों से अभद्रता पर भड़का जनाक्रोश; दोषी व्यापारी पर सख्त कार्रवाई की उठी मांग
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गली-गली पैदल पहुंचकर शहर को स्वच्छ बनाने वाले आयुक्त आशुतोष पांडे के साथ कथित अभद्र व्यवहार पर पार्षदों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों में भारी नाराजगी।
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित कोरबा बनाने के लिए दिन-रात मैदान में उतरकर काम करने वाले नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडे के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि पावर हाउस रोड स्थित एक बैग स्टोर के संचालक ने स्वच्छता अभियान के दौरान निगम आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों के साथ कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया और नगर निगम कार्यालय में लोगों को लेकर हंगामा करने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद शहर में व्यापारी के व्यवहार की व्यापक आलोचना हो रही है।
आयुक्त आशुतोष पांडे उन अधिकारियों में गिने जाते हैं जो केवल कार्यालय में बैठकर आदेश जारी नहीं करते, बल्कि स्वयं गली-गली, मोहल्लों और बाजारों में पैदल भ्रमण कर स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हैं। शहर को स्वच्छ रखने के लिए वे सुबह से देर शाम तक लगातार मैदानी निरीक्षण करते हैं और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश देते हैं। ऐसे अधिकारी के साथ कथित अभद्रता को शहर के नागरिकों ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
घटना के बाद नगर निगम के अधिकांश पार्षदों ने भी एकजुट होकर इस पूरे मामले की निंदा की। उनका कहना है कि यदि कोई व्यक्ति नियमों का पालन कराने पहुंचे अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार करता है तो यह केवल अधिकारियों का नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र का अपमान है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि कानून सबके लिए समान है और किसी को भी सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने या अधिकारियों के साथ अभद्रता करने का अधिकार नहीं है।

जानकारी के अनुसार पार्षदों ने एकमत होकर जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर संबंधित व्यापारी के विरुद्ध विधि सम्मत और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ऐसे मामलों में सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में अन्य लोग भी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अनुचित व्यवहार करने का साहस कर सकते हैं।
शहर के नागरिकों ने भी कहा कि स्वच्छता अभियान केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। जो अधिकारी स्वयं सड़क पर उतरकर शहर को साफ-सुथरा बनाने का प्रयास कर रहे हैं, उनका सम्मान किया जाना चाहिए, न कि उनके साथ दुर्व्यवहार।
नागरिकों का मानना है कि कोरबा को स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए नगर निगम लगातार प्रयास कर रहा है। ऐसे समय में प्रशासन और जनता के बीच सहयोग की आवश्यकता है। यदि किसी को किसी कार्रवाई पर आपत्ति है तो उसका समाधान कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए, न कि धमकी या अभद्र व्यवहार के माध्यम से।


