सावन की सुरमयी फुहार में झूमीं महिलाएं: श्री हित सहचरी सेवा समिति के महोत्सव में बिखरे संस्कृति, श्रृंगार और सखी-संगम के रंग
1 min read



सावन क्वीन और सावन सुंदरी प्रतियोगिता बनी आकर्षण का केंद्र, गीत-संगीत, लोकनृत्य और मित्रता के रंगों से महका पूरा आयोजन
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा। सावन की रिमझिम फुहार, हरियाली की मनमोहक छटा, पारंपरिक श्रृंगार की अनुपम आभा और सखी-संगम की आत्मीय मुस्कान… कुछ ऐसा ही मनमोहक नजारा देखने को मिला श्री हित सहचरी सेवा समिति द्वारा आयोजित भव्य सावन महोत्सव में। संस्कृति, सौहार्द, उल्लास और नारी शक्ति से सराबोर इस आयोजन ने उपस्थित महिलाओं को एक यादगार अनुभव प्रदान किया। कार्यक्रम समिति की संरक्षिका नीरू राय के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जहां सावन की परंपराओं के साथ मित्रता और अपनत्व का संदेश भी पूरे उत्साह से दिया गया।
हरे रंग की पारंपरिक वेशभूषा, हाथों की मेहंदी, सोलह श्रृंगार, झूले, सावन के लोकगीत और रंग-बिरंगी सजावट ने पूरे आयोजन को मानो किसी सांस्कृतिक उत्सव में बदल दिया। महिलाओं ने पारंपरिक गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, लोकनृत्य किया, मनोरंजक प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और पूरे उत्साह के साथ सावन के उल्लास का आनंद उठाया। हर ओर हंसी, उमंग और अपनत्व का वातावरण देखने को मिला।


सखी-संगम ने बांधा प्रेम और विश्वास का अटूट बंधन
कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक पल तब आया जब सभी महिलाओं ने एक-दूसरे को मित्रता बैंड पहनाकर जीवनभर साथ निभाने, सुख-दुख में एक-दूसरे का संबल बनने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया। इस आत्मीय पहल ने पूरे आयोजन को और अधिक भावनात्मक एवं यादगार बना दिया। उपस्थित महिलाओं ने कहा कि समिति केवल एक संगठन नहीं, बल्कि संस्कार, सहयोग और आत्मीय रिश्तों का सशक्त परिवार है।
सावन क्वीन और सावन सुंदरी प्रतियोगिता ने लूटी वाहवाही
सावन महोत्सव की सबसे आकर्षक प्रतियोगिता ‘सावन सुंदरी’ और ‘सावन क्वीन’ रही। प्रतिभागियों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक प्रतिभा से निर्णायकों एवं दर्शकों का दिल जीत लिया।
सावन सुंदरी प्रतियोगिता
🏆 प्रथम – सपना मिश्रा
🥈 द्वितीय – डब्ल्यू. राजेश्वरी
🥉 तृतीय – कविता साहा
सावन क्वीन प्रतियोगिता
👑 प्रथम – मीनू पांडे
🥈 द्वितीय – शशिकला बघेल
🥉 तृतीय – शोभा असाटी
विजेताओं को सम्मानित करते हुए संरक्षिका नीरू राय ने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं की प्रतिभा को मंच देने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि सावन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, प्रकृति, परंपरा और रिश्तों को संजोने का उत्सव है।
इन सदस्याओं ने निभाई अहम भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में श्वेता दुबे, दमयंती सिंह, निविया विनायक, शोभा असाटी, किरण सिंह, विनीता सिंह, रूपा मन्ना, राजेश्वरी शर्मा, रजनी श्रीवास्तव, अनीता, ममता, रीना जायसवाल, उषा सिंह, अंशु सिंह, अर्चना सिंह, प्रियंका वर्मा, मीनू पांडे, जुगन सिंह, अंजना, शशिकला बघेल, मेघा, कविता, रंजीता, मीनाक्षी, मीना ठाकुर, सपना मिश्रा, नेहा सिन्हा, अंजना सिंह, रजनी सिंह, सलीका गोयल, भावना स्वर्णकार, कुमुद तिवारी, मंजू साहू, मंजूलता गुप्ता, डब्ल्यू. राजश्री (गुड़िया) एवं तुलसी मौर्य सहित समिति की सभी सदस्याओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के अंत में सभी महिलाओं ने सामूहिक रूप से सावन गीतों पर नृत्य किया, स्मृति-चित्र खिंचवाए और यह संकल्प लिया कि श्री हित सहचरी सेवा समिति सदैव प्रेम, सहयोग, संस्कृति, संस्कार और आत्मीयता की डोर से समाज को जोड़ने का कार्य करती रहेगी।
सावन की हरियाली, पारंपरिक श्रृंगार, सखियों की मुस्कान और भारतीय संस्कृति की अनुपम छटा से सजा यह महोत्सव महिलाओं के लिए केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यादों, रिश्तों और उत्साह का ऐसा उत्सव बन गया, जिसकी मिठास लंबे समय तक सभी के दिलों में बनी रहेगी।


