कोरबा बहुचर्चित सुभमा खुसरो हत्याकांड में आया फैसला: पति अभिषेक कुमार लेंदरे को आजीवन कारावास, साक्ष्य मिटाने के मामले में भी 3 वर्ष की सजा
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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा। जिला कोरबा के बहुचर्चित सुभमा खुसरो हत्याकांड में तृतीय अपर सत्र न्यायालय, कोरबा ने मंगलवार 4 अगस्त 2026 को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी अभिषेक कुमार लेंदरे को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत दोषी ठहराते हुए 100 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

इसके अतिरिक्त न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 238 (साक्ष्य मिटाने) के अपराध में 3 वर्ष के कारावास तथा 100 रुपये अर्थदंड की भी सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में इस अपराध में भी एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
तकिए से मुंह-नाक दबाकर हत्या का आरोप सिद्ध
न्यायालय के निर्णय के अनुसार, आरोपी अभिषेक कुमार लेंदरे पर आरोप था कि 22 जुलाई 2025 को दोपहर लगभग 1 बजे से 3 बजे के बीच हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, गोकुल नगर, कोरबा स्थित किराए के मकान में उसने अपनी पत्नी सुभमा खुसरो की तकिए से मुंह और नाक दबाकर हत्या कर दी। न्यायालय ने माना कि आरोपी को यह ज्ञान और विश्वास था कि इस प्रकार मुंह-नाक दबाने से मृत्यु होना संभावित है।
निर्णय में यह भी उल्लेख है कि हत्या के बाद आरोपी ने अपराध के साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव के पास कागज और कपड़े आदि एकत्र कर आग लगा दी, ताकि घटना के साक्ष्यों का विलोपन हो सके और वह कानूनी दंड से बच सके।
प्रेम विवाह के बाद साथ रह रहे थे दोनों
अभियोजन के अनुसार, आरोपी अभिषेक कुमार लेंदरे और सुभमा खुसरो के बीच प्रेम संबंध था। दोनों ने अपनी इच्छा से 5 मई 2024 को आर्य समाज, बिलासपुर में विवाह किया था। विवाह के बाद दोनों गोकुल नगर, कोरबा में किराए के मकान में पति-पत्नी के रूप में रह रहे थे।
घटना वाले दिन सुबह दोनों के बीच निहारिका टॉकीज में फिल्म देखने जाने की बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद आरोपी अपने कार्यस्थल चला गया। दोपहर बाद घर लौटने पर उसने दरवाजा अंदर से बंद पाया। खिड़की से झांकने पर अंदर धुआं दिखाई दिया। बाद में वह बालकनी के रास्ते घर में पहुंचा, जहां उसकी पत्नी जली हुई अवस्था में मिली। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्य एकत्र किए और न्यायालय में अभियोजन ने आरोपी के विरुद्ध आरोप सिद्ध किए।
न्यायालय का आदेश
तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार लेंद्रे ने निर्णय में आरोपी को हत्या एवं साक्ष्य मिटाने के अपराध में दोषी ठहराते हुए उपरोक्त सजाएं सुनाईं। साथ ही आदेश दिया कि आरोपी को सजा भुगताने के लिए जिला जेल, कोरबा भेजा जाए। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि निर्णय की सत्यापित प्रतिलिपि दोषसिद्ध व्यक्ति, लोक अभियोजक एवं जिला दंडाधिकारी को उपलब्ध कराई जाए।


