“अविश्वास प्रस्ताव नहीं, कांग्रेस की राजनीतिक हताशा का सार्वजनिक प्रदर्शन : केदार कश्यप”



‘तथ्यों के अभाव में विपक्ष हुआ बेनकाब, सदन में कांग्रेस की रणनीति पूरी तरह विफल’
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के खारिज होने के बाद प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि यह अविश्वास प्रस्ताव सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि कांग्रेस की राजनीतिक हताशा, नेतृत्व संकट और जनाधार के लगातार हो रहे क्षरण का जीवंत प्रमाण है।
केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के पास आज न तो कोई ठोस मुद्दा बचा है, न कोई सकारात्मक दृष्टिकोण और न ही जनता का विश्वास। यही कारण है कि विपक्ष केवल राजनीतिक सुर्खियां बटोरने और अपनी आंतरिक गुटबाजी को छिपाने के लिए बिना तथ्य और तर्क के अविश्वास प्रस्ताव लेकर सदन में पहुंचा था, जिसे जनता और सदन दोनों ने पूरी तरह नकार दिया।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में हुई चर्चा ने यह स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस भाजपा सरकार के खिलाफ एक भी तथ्यात्मक और प्रमाणिक आरोप प्रस्तुत करने में पूरी तरह विफल रही। विपक्ष का पूरा प्रयास केवल भ्रम फैलाने और राजनीतिक माहौल बनाने तक सीमित रहा, लेकिन सदन में उसकी रणनीति पूरी तरह बेनकाब हो गई।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता कांग्रेस के भ्रष्टाचार, कुशासन और वादाखिलाफी को पहले ही नकार चुकी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरी प्रतिबद्धता और पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतार रही है। किसानों के हित में लिए जा रहे निर्णय, महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण, युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन तथा सुशासन की स्थापना सरकार की प्राथमिक प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनहितकारी योजनाओं और सरकार की विकासपरक नीतियों से राजनीतिक रूप से असहज होकर निराधार आरोपों की राजनीति कर रही है। जनता के मुद्दों पर सार्थक बहस करने के बजाय कांग्रेस केवल नकारात्मक राजनीति का सहारा ले रही है।
केदार कश्यप ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के नाम पर कांग्रेस ने विधानसभा के बहुमूल्य समय को व्यर्थ किया। पूरे घटनाक्रम के दौरान विपक्ष बिखरा हुआ, असंगठित और नेतृत्वविहीन दिखाई दिया। यह प्रस्ताव भाजपा सरकार के खिलाफ कम और कांग्रेस के भीतर बढ़ते अविश्वास, असंतोष और गुटीय संघर्ष का प्रतीक अधिक साबित हुआ।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता विकास, सुशासन और परिणाम आधारित राजनीति चाहती है, जबकि कांग्रेस आज भी सत्ता से बाहर होने की निराशा में नकारात्मक और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में उलझी हुई है। कांग्रेस को जनता के जनादेश का सम्मान करते हुए आत्ममंथन करने की आवश्यकता है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार जनकल्याण, विकास और सुशासन के संकल्प के साथ निरंतर कार्य करती रहेगी और प्रदेश की जनता के विश्वास पर पूरी तरह खरी उतरेगी।
“अविश्वास प्रस्ताव की हार ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की जनता का विश्वास विकास और सुशासन की राजनीति के साथ है, न कि निराधार आरोपों और राजनीतिक हताशा के साथ।”


