“जल जीवन मिशन के ठेकेदारों की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बुलाई अहम बैठक; भुगतान और लंबित समस्याओं के समाधान की जगी उम्मीद”



20 जुलाई को नया रायपुर सर्किट हाउस में होगी उच्चस्तरीय बैठक, एमडी एवं डिप्टी एमडी भी रहेंगे मौजूद, प्रदेशभर के ठेकेदारों की उपस्थिति अनिवार्य
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्य कर रहे ठेकेदारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से भुगतान सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे ठेकेदारों की मांगों पर अब शासन स्तर पर गंभीर पहल शुरू हो गई है। उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने 20 जुलाई 2026 को नया रायपुर स्थित सर्किट हाउस में दोपहर 1 बजे एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की है।
बैठक में जल जीवन मिशन के प्रबंध संचालक (एमडी) अब्दुल केशर हक तथा डिप्टी एमडी श्री चन्द्रवंशी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत लंबित भुगतान, कार्यों में आ रही प्रशासनिक बाधाओं तथा ठेकेदारों की अन्य महत्वपूर्ण समस्याओं पर विस्तृत चर्चा किए जाने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि संघ द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों, सरकार के समक्ष रखी गई मांगों तथा प्रदेशभर के ठेकेदारों के एकजुट आंदोलन और संवाद का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह बैठक जल जीवन मिशन से जुड़े हजारों श्रमिकों, आपूर्तिकर्ताओं एवं ठेकेदारों के हितों की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
उन्होंने प्रदेश के सभी जल जीवन मिशन ठेकेदारों से अपील करते हुए कहा है कि वे बैठक में अपनी उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं, ताकि समस्याओं को मजबूती के साथ शासन-प्रशासन के समक्ष रखा जा सके। ठेकेदारों की एकजुटता ही उनकी मांगों को समाधान तक पहुंचाने में सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
छत्तीसगढ़ कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशन को उम्मीद है कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विभागीय अधिकारियों एवं ठेकेदारों के बीच होने वाली इस महत्वपूर्ण चर्चा के बाद लंबित भुगतान सहित अन्य समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में सकारात्मक निर्णय सामने आएंगे।
“अब सबकी निगाहें 20 जुलाई की इस अहम बैठक पर टिकी हैं, जहां जल जीवन मिशन के ठेकेदारों के भविष्य और उनके वर्षों से लंबित मुद्दों पर बड़ा फैसला सामने आ सकता है।”


