126 वर्षों की अटूट आस्था का महापर्व: 16 जुलाई को दादरखुर्द में निकलेगी भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा



हजारों श्रद्धालु होंगे शामिल, महाभंडारा, नगर भ्रमण और धार्मिक आयोजनों से गूंजेगा पूरा क्षेत्र; आयोजन समिति ने प्रशासन से मांगा सुरक्षा व यातायात सहयोग
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा। जिले के दादरखुर्द स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर में आगामी 16 जुलाई को 126 वर्षों की गौरवशाली परंपरा के साथ भगवान श्रीजगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। यह धार्मिक महोत्सव केवल दादरखुर्द ही नहीं, बल्कि पूरे कोरबा जिले की आस्था और संस्कृति का प्रमुख केंद्र माना जाता है। हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है, जिसके मद्देनज़र आयोजन समिति ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से सुरक्षा, यातायात एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
दादरखुर्द ग्राम विकास समिति द्वारा जिला पुलिस अधीक्षक को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि स्वामी जगन्नाथ जी की रथयात्रा पिछले 125 वर्षों से निरंतर आयोजित होती आ रही है और इस वर्ष 126वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। इस ऐतिहासिक आयोजन में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन और रथयात्रा में शामिल होने पहुंचते हैं।
समिति ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या हजारों में रहती है। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना लेकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने आते हैं तथा रथ की रस्सी खींचकर स्वयं को धन्य मानते हैं। इसी को देखते हुए आयोजन को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन से विशेष सहयोग का अनुरोध किया गया है।
सुबह पूजा-अर्चना, दोपहर महाभंडारा और शाम को भव्य रथयात्रा
आयोजन के तहत सुबह भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा का विशेष पूजन-अर्चन एवं वैदिक विधि से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल महाभंडारे का आयोजन होगा, जिसमें हजारों भक्त महाप्रसाद ग्रहण करेंगे। शाम को सुसज्जित विशाल रथ पर भगवान जगन्नाथ अपने भाई-बहन के साथ नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। पूरे मार्ग में “जय जगन्नाथ” के जयघोष, शंखनाद, भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं की अपार भीड़ से वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।
24 जुलाई तक चलेंगे धार्मिक आयोजन
रथयात्रा के बाद भगवान निर्धारित अवधि तक श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। इस दौरान प्रतिदिन पूजा-अर्चना, आरती, भजन-कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। 24 जुलाई को बहुड़ा (वापसी) यात्रा के साथ महोत्सव का समापन होगा।
प्रशासन से की गई ये प्रमुख मांगें
आयोजन समिति ने पुलिस प्रशासन से निम्न व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आग्रह किया है—
दोपहर 12 बजे से रथयात्रा समाप्ति तक यातायात व्यवस्था (दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों का सुचारु नियंत्रण)।
चार स्थानों पर अस्थायी पुलिस सहायता केंद्र स्थापित किए जाएं—
परिक्रमा स्थल
बीच मोहल्ला (गोस्वामी चौक)
जनकपुरी मोहल्ला
राम मंदिर मोहल्ला (स्वागत द्वार के पास)
जगन्नाथ मंदिर के समीप रथयात्रा सलामी एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
भीड़ नियंत्रण, श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा आपातकालीन सहायता के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए।
आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक
दादरखुर्द की रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण है। इस आयोजन में सभी समाज और वर्गों के लोग सेवा, सहयोग और श्रद्धा के साथ भागीदारी निभाते हैं। वर्षों से चली आ रही यह परंपरा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा से जोड़ने का कार्य भी कर रही है।
आयोजन समिति ने कोरबा एवं आसपास के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में रथयात्रा में शामिल होकर भगवान श्रीजगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है। वहीं प्रशासन से अपेक्षा जताई गई है कि सुरक्षा एवं यातायात की समुचित व्यवस्था कर इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण और भव्य स्वरूप प्रदान किया जाएगा।


