सेवा, संस्कार और संकल्प का अनूठा संगम: शिवाय हॉस्पिटल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर मानवता को समर्पित आयोजन, मंत्री लखन लाल देवांगन ने किया पौधारोपण



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा। उपचार के साथ सेवा, संवेदना और सामाजिक दायित्व को अपनी पहचान बना चुके शिवाय हॉस्पिटल में भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं महान शिक्षाविद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती गरिमामय एवं प्रेरणादायी वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम राष्ट्रसेवा, पर्यावरण संरक्षण और मानवता के प्रति समर्पण का संदेश देने वाला बना, जिसमें जनप्रतिनिधियों, चिकित्सकों, भाजपा पदाधिकारियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने उनके राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रसेवा, सामाजिक समर्पण और जनकल्याण की भावना प्रमुख रूप से दिखाई दी।
इसके बाद “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत अस्पताल परिसर में पौधारोपण किया गया। प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, नगर निगम कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत, झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के संयोजक अमित टमकोरिया, शिवाय हॉस्पिटल के संचालक डॉ. दिविक एच. मित्तल एवं एमडी यशा मित्तल ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा सभी से हरियाली बढ़ाने और प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रहित, सेवा और समर्पण की प्रेरणा देता है। उन्होंने शिवाय हॉस्पिटल की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान केवल बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं ही नहीं दे रहा, बल्कि सामाजिक दायित्वों का भी उत्कृष्ट निर्वहन कर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है।
महापौर संजू देवी राजपूत ने कहा कि चिकित्सा सेवा तभी सार्थक होती है, जब उसमें मानवीय संवेदनाएं जुड़ी हों। उन्होंने शिवाय हॉस्पिटल द्वारा स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय अभियानों में निभाई जा रही सक्रिय भूमिका की प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए अनुकरणीय पहल बताया।
शिवाय हॉस्पिटल के संचालक डॉ. दिविक एच. मित्तल ने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य केवल मरीजों का उपचार करना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मीयता, सम्मान और विश्वास का वातावरण देना भी है। उन्होंने कहा कि हर मरीज किसी परिवार की उम्मीद होता है और उसकी मुस्कान ही चिकित्सक की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
एमडी यशा मित्तल ने कहा कि चिकित्सा केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि मानवता की सबसे पवित्र सेवा है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना प्रत्येक संस्थान का नैतिक दायित्व है और शिवाय हॉस्पिटल भविष्य में भी स्वास्थ्य सेवा के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।
कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारी, चिकित्सक, अस्पताल का चिकित्सा एवं पैरामेडिकल स्टाफ तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को आत्मसात करते हुए राष्ट्रसेवा, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।
शिवाय हॉस्पिटल में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक जयंती समारोह नहीं रहा, बल्कि सेवा, संवेदना, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी संदेश देने वाला आयोजन बन गया, जिसने यह सिद्ध किया कि जब चिकित्सा सेवा के साथ मानवता का भाव जुड़ता है, तब अस्पताल केवल उपचार का केंद्र नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम भी बन जाता है।


