सुशासन तिहार बना जनसंवाद का मंच: गिधौरी में गूंजा विकास का संदेश, टीबी मुक्त पंचायतों का हुआ सम्मान



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***//**// कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल “सुशासन तिहार” के अंतर्गत ग्राम पंचायत गिधौरी में आयोजित बहुउद्देशीय जनसमस्या निवारण एवं जनसंवाद शिविर विकास, जनभागीदारी और जनकल्याण का सशक्त मंच बनकर उभरा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि शासन की योजनाओं को लेकर गांवों में जागरूकता और उत्साह लगातार बढ़ रहा है। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, आवेदन लिए तथा मौके पर ही कई समस्याओं का निराकरण भी किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जनपद पंचायत करतला की अध्यक्ष अशोका कंवर रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद पंचायत करतला के उपाध्यक्ष मनोज झा ने की। कार्यक्रम में जनपद सदस्य वेद चंद्राकर, ग्राम पंचायत गिधौरी की सरपंच विज्ञानी कंवर, कृष्णा महाजन, विश्राम सिंह राठिया, देवी बाई, सुषमा कमलेश कंवर, सुलोचना राठिया, दिलेश कंवर, भीम सिंह, सुख सिंह, मीना बाई, ज्ञान सिंह, ललिता बाई एवं राकेश यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। सहायक आयुक्त कोरबा श्रीकांत कसेर, तहसीलदार बरपाली सत्यपाल राय एवं जनपद पंचायत करतला के सीईओ वैभव कौशिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण वह रहा जब स्वास्थ्य विभाग की ओर से उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को “टीबी मुक्त पंचायत” सम्मान से नवाजा गया। लबेद, पकरिया, लिमडीह सहित पांच ग्राम पंचायतों को इस उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों में विशेष उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने इसे गांवों में स्वास्थ्य जागरूकता और जनसहभागिता का परिणाम बताया।
शिविर स्थल पर राजस्व, पंचायत, स्वास्थ्य, कृषि, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ आवेदन, शिकायत एवं मांगों का निराकरण भी किया गया। कई ग्रामीणों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रखीं, जिस पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया।
मुख्य अतिथि अशोका कंवर ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान, मजदूर एवं महिलाओं के हित में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि “सुशासन तिहार” शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने एवं गांव के विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मनोज झा ने कहा कि सुशासन तिहार सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना शासन की प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित और संवेदनशील तरीके से निराकरण करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के अंत में जनपद पंचायत करतला के सीईओ वैभव कौशिक ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कार्य करता रहेगा।
पूरे आयोजन के दौरान ग्रामीणों में उत्साह, सहभागिता और विकास को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला। सुशासन तिहार का यह आयोजन गांव और शासन के बीच विश्वास एवं संवाद को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।


