May 8, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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इको-स्टेप से कोरबा के उद्यान बने ‘ग्रीन ओएसिस’, तपती गर्मी में लोगों को मिल रहा ठंडक और सुकून का नया ठिकाना

 

 

नगर निगम की अभिनव पहल से 5 प्रमुख उद्यानों की बदली तस्वीर, बैंकों के सहयोग से हरियाली, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को मिला नया आयाम
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***//**// कोरबा, 08 मई 2026
नगर पालिक निगम कोरबा की दूरदर्शी और अभिनव ‘इको-स्टेप’ (बैंकर्स ग्रीन एप्रोच) योजना शहर में हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का नया अध्याय लिख रही है। इस योजना के तहत निगम के प्रमुख उद्यान अब केवल घूमने-फिरने की जगह नहीं रहे, बल्कि वे ‘ग्रीन ओएसिस’ यानी शहरवासियों के लिए ठंडक, सुकून और स्वास्थ्य का नया केंद्र बनकर उभर रहे हैं।
तपती गर्मी के इस मौसम में शहरवासी बड़ी संख्या में सुबह-शाम इन उद्यानों की ओर रुख कर रहे हैं। कोई परिवार के साथ हरियाली के बीच समय बिता रहा है, तो कोई वॉक, योग और प्राणायाम कर स्वास्थ्य लाभ ले रहा है। घने पेड़-पौधों, ठंडी घास और स्वच्छ वातावरण से भरपूर ये उद्यान अब लोगों को प्राकृतिक राहत देने वाले केंद्र बन चुके हैं।
विशेष रूप से घंटाघर-निहारिका मार्ग स्थित स्मृति उद्यान इसका ताजा उदाहरण बनकर सामने आया है, जहां हर दिन बड़ी संख्या में नागरिक पहुंच रहे हैं और प्रकृति के बीच सुकून के पल बिता रहे हैं।
प्रभारी सचिव और महापौर ने किया था शुभारंभ
नगर निगम की इस महत्वाकांक्षी ‘इको-स्टेप’ योजना का शुभारंभ 04 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव एवं कोरबा जिले के प्रभारी सचिव श्री रोहित यादव तथा महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत द्वारा किया गया था।
इस योजना का उद्देश्य निगम के उद्यानों के संधारण, संरक्षण और संचालन की जिम्मेदारी बैंकों को सौंपकर उनके सीएसआर फंड का बेहतर उपयोग करना था। इसके तहत बैंक उद्यानों में सुविधाएं विकसित कर रहे हैं और बदले में वहां अपने ब्रांडिंग बोर्ड स्थापित कर रहे हैं, जिनके माध्यम से स्वच्छता, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है।
इन 5 उद्यानों की जिम्मेदारी बैंकों को
नगर निगम ने अपने 5 प्रमुख उद्यानों को अलग-अलग बैंकों को सौंपा है—
एचडीएफसी बैंक – स्मृति उद्यान
बैंक ऑफ महाराष्ट्र – पुष्पलता उद्यान
इंडियन ओवरसीज बैंक – साडा कॉलोनी शिव मंदिर उद्यान
आईडीएफसी बैंक – महाराणा प्रताप उद्यान
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया – रविशंकर नगर उद्यान
इन बैंकों के सहयोग से उद्यानों में साफ-सफाई, हरियाली, रखरखाव और सुविधाओं का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है।
आयुक्त आशुतोष पाण्डेय की सोच से बदला शहर का स्वरूप
नगर निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय की पदस्थापना के बाद शहर में स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई ठोस कदम उठाए गए। अवैध कब्जे हटाने, यातायात सुधारने और शहर को व्यवस्थित करने के साथ-साथ उन्होंने ग्रीन कॉरिडोर, सड़क किनारे पौधरोपण और उद्यानों के पुनर्विकास की व्यापक योजना पर काम शुरू कराया।

 

 

 

आज इसका परिणाम पूरे शहर में दिखाई दे रहा है। सड़क डिवाइडरों से लेकर सार्वजनिक स्थलों तक हरियाली फैल रही है और निगम के उद्यान ‘ग्रीन हट’ का स्वरूप धारण कर चुके हैं।
हर वर्ग के लोगों की पहली पसंद बने उद्यान
बुजुर्गों के लिए मॉर्निंग वॉक, युवाओं के लिए फिटनेस, बच्चों के लिए खेल और महिलाओं के लिए सुकून—इन उद्यानों ने हर आयु वर्ग के लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया है। सुबह और शाम यहां लोगों की बढ़ती भीड़ इस योजना की सफलता की गवाही दे रही है।
निगम को सालाना 50 लाख रुपये की बचत
इस योजना का एक बड़ा आर्थिक लाभ भी सामने आया है। पहले इन उद्यानों के संधारण और संचालन पर नगर निगम को हर वर्ष लगभग 50 लाख रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब बैंकों द्वारा जिम्मेदारी संभालने से निगम को इतनी ही राशि की वार्षिक बचत हो रही है, जिसे शहर के अन्य विकास कार्यों में लगाया जा सकेगा।
नगर निगम कोरबा की ‘इको-स्टेप’ योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बन रही है, बल्कि यह साबित कर रही है कि यदि प्रशासन और निजी संस्थान साथ आएं, तो शहर की तस्वीर बदली जा सकती है।

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