“सुवेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री, कल लेंगे शपथ — अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा ने रचा इतिहास”



कोलकाता से बड़ी खबर | बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन का नया अध्याय शुरू
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***//**// पश्चिम बंगाल की राजनीति में आखिरकार वह क्षण आ गया जिसका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद वरिष्ठ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम Bengal का नया मुख्यमंत्री चुना गया है। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की मौजूदगी में हुई भाजपा विधायक दल की अहम बैठक में उनके नाम पर सहमति बनी। अब सुवेंदु अधिकारी कल भव्य समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
भाजपा की इस जीत ने बंगाल की राजनीति में दशकों पुराना समीकरण पूरी तरह बदल दिया है। लंबे समय तक वाममोर्चा और फिर ममता बनर्जी के प्रभाव वाले बंगाल में अब भाजपा ने सत्ता का परचम लहराकर नया इतिहास रच दिया है।
नंदीग्राम के ‘योद्धा’ से बंगाल के मुख्यमंत्री तक का सफर
सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं माना जा रहा। एक समय ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद सहयोगी रहे सुवेंदु आज भाजपा के सबसे ताकतवर चेहरे बनकर बंगाल की सत्ता के शीर्ष तक पहुंच गए हैं।
पूर्व मेदिनीपुर जिले के प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से आने वाले सुवेंदु अधिकारी ने छात्र राजनीति से अपना सफर शुरू किया था। उनके पिता शिशिर अधिकारी भी बंगाल की राजनीति के बड़े नेताओं में गिने जाते हैं।
नंदीग्राम आंदोलन ने दिलाई राज्यभर में पहचान
साल 2007 का नंदीग्राम आंदोलन सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा मोड़ बना। भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हुए आंदोलन में उन्होंने अग्रिम पंक्ति में रहकर नेतृत्व किया।
यही आंदोलन बाद में वाममोर्चा सरकार के पतन और ममता बनर्जी के सत्ता में आने की सबसे बड़ी वजह बना। लेकिन राजनीति ने ऐसा करवट लिया कि उसी आंदोलन का सबसे बड़ा चेहरा आज भाजपा के मुख्यमंत्री पद तक पहुंच गया।
ममता के करीबी से सबसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी तक
एक समय सुवेंदु अधिकारी को तृणमूल कांग्रेस की संगठनात्मक ताकत माना जाता था। वे सांसद भी रहे और राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री भी बने।
लेकिन पार्टी के अंदर बढ़ते मतभेद और राजनीतिक असहमति के बाद उन्होंने 2020 में तृणमूल कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया।
इसके बाद उन्होंने खुलकर ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा संभाला और भाजपा को बंगाल में मजबूत करने में निर्णायक भूमिका निभाई।
जब नंदीग्राम में ममता बनर्जी को दी ऐतिहासिक शिकस्त
2021 विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनौती दी थी।
पूरे देश की नजर इस सीट पर थी और आखिरकार सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराकर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बना ली।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यही वह जीत थी जिसने उन्हें भाजपा का सबसे बड़ा बंगाली चेहरा बना दिया।
कितनी बार चुनाव जीते?
लोकसभा चुनाव
2009 में तमलुक लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।
विधानसभा चुनाव
2016 — नंदीग्राम से विधायक
2021 — नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराया
2026 — भाजपा की ऐतिहासिक जीत के प्रमुख रणनीतिकार बने
भाजपा की जीत के सबसे बड़े रणनीतिकार
भाजपा सूत्रों के अनुसार बंगाल में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा का आधार बढ़ाने और हिंदू वोट बैंक को एकजुट करने में सुवेंदु अधिकारी की सबसे बड़ी भूमिका रही।
चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने राज्यभर में लगातार जनसभाएं कर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाया।
अमित शाह का भरोसा, भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान कई बार कहा था कि बंगाल का मुख्यमंत्री “माटी का लाल” होगा। अब भाजपा के फैसले के बाद यह साफ हो गया कि पार्टी ने बंगाल की राजनीति में सुवेंदु अधिकारी पर सबसे बड़ा दांव खेला है।
उनके मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। कोलकाता सहित कई जिलों में भाजपा समर्थकों ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया।
कल होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह
सूत्रों के अनुसार कल कोलकाता में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें भाजपा के कई राष्ट्रीय नेता, केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं।
बंगाल की राजनीति में यह शपथ ग्रहण सिर्फ सरकार गठन नहीं, बल्कि एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत माना जा रहा है।
अब बंगाल में गूंज रहा सिर्फ एक नाम — “मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी”


