कांग्रेस में ‘कुर्सी युद्ध’ तेज : बीसीसी बनाम डीसीसी के बाद अब ‘नई बीसीसी’ की एंट्री पर भाजपा का तीखा हमला



देवलाल ठाकुर बोले – कांग्रेस संगठन नहीं, गुटबाजी का अखाड़ा बन चुकी है पार्टी
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***//**// रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सियासी संग्राम में बदलती नजर आ रही है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी अब पूरी तरह गुटों में बंट चुकी है और उसका संगठनात्मक ढांचा रसातल में पहुंच गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले कांग्रेस में बीसीसी यानी “भूपेश कांग्रेस कमेटी” और डीसीसी यानी “दीपक कांग्रेस कमेटी” का संघर्ष चल रहा था, लेकिन अब “बाबा कांग्रेस कमेटी” की नई एंट्री ने कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई को और भी हास्यास्पद बना दिया है।
भाजपा प्रवक्ता ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस अब जनता के मुद्दों की पार्टी नहीं रह गई है, बल्कि नेताओं की निजी महत्वाकांक्षाओं और कुर्सी बचाने की लड़ाई का मंच बनकर रह गई है। उन्होंने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव द्वारा प्रदेश अध्यक्ष बनने की इच्छा जताते ही कांग्रेस के भीतर बेचैनी और घबराहट साफ दिखाई देने लगी है। एक ओर भूपेश बघेल फिर से संगठन पर कब्जा जमाने की कोशिश में हैं, तो दूसरी ओर दीपक बैज अपनी कुर्सी बचाने के लिए छटपटा रहे हैं। वहीं अन्य नेताओं के नामों की चर्चा ने कांग्रेस के भीतर की लड़ाई को और भड़का दिया है।
उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए कांग्रेस ने “ढाई-ढाई साल” का जो सत्ता संघर्ष किया था, अब वही नाटक संगठन में दोहराया जा रहा है। कांग्रेस के नेता जनता के बीच जाने के बजाय दिल्ली दरबार में अपनी ताकत दिखाने की होड़ में लगे हुए हैं। ठाकुर ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो नेता अपनी विधानसभा सीट तक नहीं बचा पाए, वे अब पूरी पार्टी संभालने का दावा कर रहे हैं। जनता जिन नेताओं को नकार चुकी है, वे अब संगठन में प्रभुत्व जमाकर अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस की लगातार चुनावी हारों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि दीपक बैज के नेतृत्व में कांग्रेस विधानसभा, लोकसभा और उपचुनावों में हार की हैट्रिक लगा चुकी है। अब कांग्रेस के भीतर यह लड़ाई चल रही है कि हार के इस मलबे पर कब्जा किस गुट का होगा। उन्होंने कांग्रेस की स्थिति को “म्यूजिकल चेयर रेस” बताते हुए कहा कि पार्टी में न कोई स्पष्ट नेतृत्व बचा है, न नीति और न ही दिशा।
ठाकुर ने कांग्रेस संगठन की बूथ और मंडल कमेटियों की जांच को लेकर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक स्थिति है कि कांग्रेस को अब अपने ही कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के अस्तित्व की जांच करनी पड़ रही है। जिस संगठन को जनता के बीच मजबूत होना चाहिए था, वह अब फोन कॉल और कनेक्ट सेंटर के जरिए यह पता लगाने में जुटा है कि उसकी कमेटियां वास्तव में मौजूद भी हैं या केवल कागजों में बनाई गई हैं। इससे साफ हो गया है कि कांग्रेस संगठन पूरी तरह खोखला हो चुका है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को अपने ही कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों पर भरोसा नहीं रह गया है। चुनाव की तैयारी करने के बजाय कांग्रेस अब यह जांचने में व्यस्त है कि कमेटियों में शामिल नाम असली हैं या सिर्फ टारगेट पूरा करने के लिए जोड़े गए हैं। भाजपा ने इसे कांग्रेस के “कागजी संगठन” का सबसे बड़ा प्रमाण बताया।
देवलाल ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई और सत्ता लोभ को पूरी तरह समझ चुकी है। जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया है, लेकिन कांग्रेस नेता अभी भी आत्ममंथन करने के बजाय कुर्सी के लिए एक-दूसरे की टांग खींचने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिस संगठन में तालमेल की जगह केवल खींचतान हो, उसका भविष्य केवल अंधकारमय ही हो सकता है।


