“साइलेंसर का आतंक या कानून को खुली चुनौती?” उरगा क्षेत्र में मॉडिफाइड बाइकर्स का कहर, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//**// उरगा थाना क्षेत्र के लबेद, ढोंढातराई, सुपतराई, तुमान, लिमडीह और चिकनीपाली जैसे शांत ग्रामीण इलाकों में इन दिनों कुछ बेपरवाह युवकों ने दहशत का माहौल बना रखा है। मॉडिफाइड बाइकों के नाम पर खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और प्रशासन की चुप्पी पर भी अब सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों का साफ कहना है—“ये शौक नहीं, आतंक है!”
दिन-रात सड़कों पर तेज रफ्तार और कान फाड़ देने वाली आवाज़ के साथ दौड़ती बाइकों ने गांवों की शांति छीन ली है। रात के सन्नाटे में जब अचानक कर्कश आवाज गूंजती है, तो छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की नींद उड़ जाती है।
🔊 शोर नहीं, मानसिक अत्याचार बन चुका है यह
ग्रामीणों का आरोप है कि ये बाइकर्स जानबूझकर साइलेंसर निकालकर या अवैध तरीके से बदलकर तेज धमाके जैसी आवाजें पैदा करते हैं।
यह सिर्फ शोर नहीं, बल्कि मानसिक प्रताड़ना बन चुका है—बीमार लोगों की हालत बिगड़ रही है, बुजुर्गों को बेचैनी हो रही है और बच्चों में डर का माहौल बन गया है।
⚠️ सड़कें बनी स्टंटबाजी का अड्डा, हर दिन हादसे का खतरा
स्थिति और भी खतरनाक तब हो जाती है जब ये बाइकर्स तेज रफ्तार में स्टंट करते हुए गांव की सड़कों पर निकलते हैं। संकरी गलियों और सड़कों पर यह लापरवाही कभी भी बड़े हादसे में बदल सकती है।
ग्रामीणों का कहना है—“आज नहीं तो कल कोई बड़ी दुर्घटना जरूर होगी, अगर अभी नहीं रोका गया।”
🚫 कानून को ठेंगा—Motor Vehicles Act की खुलेआम अवहेलना
स्पष्ट नियम होने के बावजूद कि बिना अनुमति वाहन मॉडिफिकेशन और तेज आवाज वाले साइलेंसर अवैध हैं, इसके बावजूद यह सब खुलेआम हो रहा है।
यह सीधे-सीधे Motor Vehicles Act का उल्लंघन है—और सवाल यह है कि आखिर कार्रवाई कब होगी?
🚨 अब जनता भी एक्शन मोड में—प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने उरगा थाना और प्रशासन से साफ शब्दों में मांग रखी है:
अवैध मॉडिफाइड बाइकों पर तुरंत कार्रवाई हो
लगातार चेकिंग अभियान चलाया जाए
दोषियों पर भारी जुर्माना और वाहन जब्ती हो
ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए
📢 जागरूक बनें, सबूत जुटाएं—यहीं से शुरू होगा समाधान
अब ग्रामीणों ने खुद भी मोर्चा संभालने का फैसला लिया है। लोगों से अपील की जा रही है:
👉 जहां भी ऐसी बाइक दिखे, उसका फोटो या वीडियो तुरंत रिकॉर्ड करें
👉 बाइक का नंबर प्लेट स्पष्ट दिखे, यह सुनिश्चित करें
👉 यह सबूत सीधे नजदीकी थाना या पुलिस हेल्पलाइन को भेजें
👉 सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से शेयर करें, ताकि पहचान आसान हो सके
⚠️ लेकिन ध्यान रखें—किसी से सीधे भिड़ने या झगड़ा करने से बचें, अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
🤝 सिर्फ पुलिस नहीं, समाज को भी निभानी होगी जिम्मेदारी
यह समस्या केवल प्रशासन के भरोसे नहीं सुलझेगी। जब तक समाज और खासकर युवा वर्ग खुद जिम्मेदारी नहीं समझेगा, तब तक यह आतंक खत्म नहीं होगा।
जरूरत है नियमों के पालन की और दूसरों की शांति का सम्मान करने की।
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उरगा क्षेत्र में बढ़ता यह बाइकर्स आतंक अब सिर्फ शिकायत का मुद्दा नहीं, बल्कि जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है।
अगर अब भी सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में हालात और बिगड़ सकते हैं।
ग्रामीणों की साफ चेतावनी है—“अब शांति चाहिए, नहीं तो आंदोलन होगा!”


