बालको संयंत्र में रासायनिक रिसाव पर हाई-लेवल मॉक ड्रिल, आपातकालीन तैयारियों की परखी गई मजबूती



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***//** कोरबा बालकोनगर, 29 अप्रैल 2026। वेदांता समूह की अग्रणी कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने औद्योगिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने पावर डिवीजन में रासायनिक रिसाव (केमिकल स्पिलेज) की संभावित स्थिति से निपटने के लिए एक व्यापक मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया। यह अभ्यास 1200 मेगावाट क्षमता वाले यूनिट-3 एवं 4 के केमिकल प्रोसेस यूनिट (सीपीयू) स्थित कास्टिक सोडा टैंक क्षेत्र में किया गया, जहां आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की तत्परता और प्रभावशीलता का परीक्षण किया गया।
केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस मॉक ड्रिल में कोरबा जिला प्रशासन की सक्रिय भागीदारी रही। प्रमुख रूप से श्री विजय सिंह पोटाई (डिप्टी डायरेक्टर, इंडस्ट्रियल हेल्थ एंड सेफ्टी), श्री देवेंद्र पटेल (एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट), श्री सरोज महिलांगे (सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट), श्री प्रमोद नायक (जिला खनन अधिकारी), श्री राकेश द्विवेदी (एसडीओ, लोक निर्माण विभाग) एवं श्रीमती नम्रता वर्मा (असिस्टेंट इंजीनियर, लोक निर्माण विभाग) सहित नगर निगम की फायर ब्रिगेड टीम तथा जिला अस्पताल की इमरजेंसी मेडिकल टीम मौजूद रही।

कंपनी की ओर से आपातकालीन संचालन का नेतृत्व करते हुए बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने चीफ इंसिडेंट कंट्रोलर की भूमिका निभाई। उनके साथ श्री संगीत साहू (साइट इंसिडेंट कंट्रोलर), श्री मयंक श्रीवास्तव (वर्क इंसिडेंट कंट्रोलर) और श्री भारतेंदु कमल पांडे (चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर) ने पूरे ऑपरेशन का कुशलतापूर्वक संचालन किया।
मॉक ड्रिल के तहत कास्टिक सोडा टैंक के फ्लैंज से रिसाव की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। जैसे ही रिसाव की सूचना मिली, ऑपरेटर ने तुरंत सेंट्रल कंट्रोल रूम को अलर्ट किया, जिसके बाद फायर, मेडिकल, सिक्योरिटी और रेस्क्यू टीमों को तत्काल सक्रिय किया गया। सभी टीमों ने निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए तेज़ी से मौके पर पहुंचकर रिसाव को नियंत्रित किया और स्थिति को सुरक्षित बनाया।
स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद साइट इंसिडेंट कंट्रोलर द्वारा आपातकाल समाप्ति की घोषणा की गई, जिसके पश्चात समीक्षा बैठक आयोजित कर पूरी प्रक्रिया का विश्लेषण किया गया।
इस अवसर पर डिप्टी डायरेक्टर इंडस्ट्रियल हेल्थ एंड सेफ्टी श्री विजय सिंह पोटाई ने बालको की सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली और विभिन्न टीमों के बीच बेहतर समन्वय की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल न केवल औद्योगिक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाती हैं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाती हैं।
बालको के सीईओ एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि संयंत्र में “सुरक्षा प्रथम” हमारी कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। नियमित मॉक ड्रिल, आधुनिक संसाधनों का उपयोग और प्रशिक्षित टीमों का समन्वय हमें हर प्रकार की आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार रखता है। उन्होंने दोहराया कि कंपनी अपने कर्मचारियों और स्थानीय समुदाय की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।


