7 घंटे की जटिल ब्रेन सर्जरी से मौत को दी मात — न्यू कोरबा हॉस्पिटल में महिला को मिला नया जीवन






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** कोरबा ब्रेन ट्यूमर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रही 47 वर्षीय महिला को न्यू कोरबा हॉस्पिटल, कोरबा में समय पर मिली अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा और विशेषज्ञ न्यूरोसर्जन की दक्षता से नया जीवन मिला। मरीज (नाम परिवर्तित) को अचानक झटके आना, बार-बार उल्टी होना और तेज चक्कर आने की शिकायत के बाद बेहोशी की हालत में परिजन न्यू कोरबा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे।
मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर होने के कारण उसे तत्काल आईसीयू में भर्ती किया गया। आवश्यक जांच के तहत मस्तिष्क का एमआरआई कराया गया, जिसमें दाहिने हिस्से में गेंद के आकार का बड़ा ट्यूमर पाया गया। चिकित्सकों ने इसे मेनिंजियोमा ब्रेन ट्यूमर बताया, जो मस्तिष्क पर अत्यधिक दबाव बना रहा था और मरीज के लिए जानलेवा स्थिति उत्पन्न कर चुका था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए न्यूरोसर्जन डॉ. शिवानी प्रगदा ने तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया। एनेस्थेटिस्ट और ओटी टीम के सहयोग से लगभग 7 घंटे तक चली जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आने लगा। वह बातचीत करने लगी और उसे न तो दौरे आए और न ही उल्टी की समस्या दोबारा हुई।
इसके बाद न्यूरो फिजियोथैरेपिस्ट की मदद से मरीज को चलने-फिरने में सहयोग दिया गया। कुछ ही दिनों में उसकी स्थिति स्थिर हो गई और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वर्तमान में मरीज पूर्णतः स्वस्थ है। मरीज के परिजनों ने डॉ. शिवानी प्रगदा सहित न्यू कोरबा हॉस्पिटल की पूरी मेडिकल टीम का आभार व्यक्त किया है।
न्यू कोरबा हॉस्पिटल में अत्याधुनिक न्यूरो ट्रीटमेंट की सुविधा
न्यूरोसर्जन डॉ. शिवानी प्रगदा ने बताया कि न्यू कोरबा हॉस्पिटल अत्याधुनिक मशीनों और संसाधनों से सुसज्जित है, जहां हर प्रकार की ब्रेन संबंधी बीमारियों का सफल इलाज किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रेन ट्यूमर का इलाज दवाइयों से संभव नहीं होता, बल्कि समय पर सर्जरी ही इसका प्रभावी समाधान है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल के न्यूरो केयर विभाग में न्यूरोसर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरो साइकियाट्रिस्ट और न्यूरो फिजिशियन की विशेषज्ञ टीम उपलब्ध है, जिससे न्यूरो से संबंधित सभी बीमारियों का इलाज एक ही स्थान पर संभव हो पा रहा है।
NKH हॉस्पिटल में 24×7 न्यूरो केयर सुविधा, अब महानगरों पर निर्भरता खत्म
अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने कहा कि यह सफल सर्जरी न्यू कोरबा हॉस्पिटल की उन्नत चिकित्सा व्यवस्था, अनुभवी विशेषज्ञों और आपातकालीन न्यूरोसर्जरी क्षमता का प्रमाण है।
उन्होंने बताया कि जिस प्रकार कोरबा में कैथलैब की शुरुआत कर हृदय रोगियों को बड़ी राहत दी गई, उसी तरह अब न्यूरो केयर डिपार्टमेंट की शुरुआत कर गंभीर न्यूरोलॉजिकल मरीजों को 24 घंटे उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
अब कोरबा और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ब्रेन ट्यूमर, स्ट्रोक एवं अन्य न्यूरो रोगों के इलाज के लिए रायपुर, नागपुर या महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। न्यू कोरबा हॉस्पिटल में ही अत्याधुनिक इलाज संभव हो गया है।





