August 14, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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दो बार कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत, फिर भी कार्रवाई शून्य — तिलकेजा में आदिवासी कन्या आश्रम की बाउंड्रीवाल तोड़ी, सुरक्षा से खिलवाड़

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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//**  कोरबा  जिले के ग्राम पंचायत तिलकेजा में शासन के स्पष्ट नियमों और निर्देशों को ताक पर रखकर आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कराया जा रहा है। यह निर्माण अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास/आश्रम तिलकेजा के कैम्पस में जबरन घुसकर शुरू किया गया है। गंभीर बात यह है कि इस अवैध निर्माण के लिए न तो शासन की अनुमति ली गई और न ही संबंधित विभागों की सहमति।
पीड़ित पक्ष द्वारा 22 दिसंबर 2025 एवं 5 जनवरी 2026 को कलेक्टर जनदर्शन में लिखित शिकायत दी गई, लेकिन हैरानी की बात यह है कि दो बार शिकायत के बाद भी आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे प्रशासनिक उदासीनता और पंचायत की मनमानी दोनों उजागर हो रही हैं।
⚠️ सुरक्षा से खुला खिलवाड़, नियमों की खुलेआम धज्जियां
शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि ग्राम पंचायत तिलकेजा में आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 02 का पुराना भवन जीर्ण-शीर्ण होने के कारण शासन से नए भवन की स्वीकृति मिली है। लेकिन पंचायत ने भवन निर्माण के लिए गलत स्थान का चयन करते हुए कन्या आश्रम के कैम्पस के भीतर निर्माण कार्य शुरू करा दिया।

 

 

इस संबंध में कन्या छात्रावास की अधीक्षिका द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी, कोरबा को भी लिखित सूचना भेजी जा चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राथमिक शाला तिलकेजा के कैम्पस में पर्याप्त खाली भूमि उपलब्ध है, जहां नियमों के अनुसार आंगनबाड़ी भवन का निर्माण किया जा सकता है। इसके बावजूद वहां निर्माण न कराकर जानबूझकर कन्या आश्रम की बाउंड्रीवाल तोड़ दी गई, जो सीधे-सीधे छोटी-छोटी आदिवासी बालिकाओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
💥 बिना अनुमति बाउंड्रीवाल तोड़ी, शासन को लाखों का नुकसान
जानकारी के अनुसार, कन्या आश्रम की बाउंड्रीवाल और पूर्व निर्मित आंगनबाड़ी भवन को बिना किसी प्रशासनिक स्वीकृति के तोड़ा गया, जिससे शासन को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति पहुंची है। यह कृत्य न सिर्फ नियमविरुद्ध है, बल्कि लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का गंभीर मामला भी बनता है।
🧱 “अगर कोई अप्रिय घटना हुई तो जिम्मेदार कौन?”
स्थानीय वार्ड पंचों सहित श्री अनंत राम धीवर ने कलेक्टर से मांग की है कि—
निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का कार्य तत्काल प्रभाव से रोका जाए,
आंगनबाड़ी भवन का निर्माण प्राथमिक शाला तिलकेजा के कैम्पस में कराया जाए,
कन्या आश्रम की तोड़ी गई बाउंड्रीवाल की भरपाई पंचायत से कराई जाए,
बिना स्वीकृति निर्माण व तोड़फोड़ कराने वालों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दो टूक कहा है कि यदि भविष्य में कन्या आश्रम की किसी बालिका के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत और प्रशासन की होगी।
❓ बड़ा सवाल:
दो बार कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं?
क्या पंचायत के ऊपर किसी का संरक्षण है?
और आदिवासी बालिकाओं की सुरक्षा से बड़ा कौन सा विकास?

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