भू-जल बचाने को कोरबा में बड़ा अभियान : वाटर हार्वेस्टिंग को जनआंदोलन बनाने पर जोर



कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन बोले — हर घर में बने रैनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, तभी सुरक्षित होगा भविष्य का जल संकट
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा। ऊर्जाधानी कोरबा में गिरते भू-जल स्तर और भविष्य में जल संकट की संभावनाओं को देखते हुए नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। निगम के पार्षदों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यशाला में वर्षा जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री Lakhan Lal Dewangan तथा महापौर Sanju Devi Rajput की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि वर्षा ऋतु में होने वाली बारिश के पानी का संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने घरों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करना चाहिए ताकि वर्षा जल का संचयन हो सके और भू-जल स्तर में सुधार आ सके। उन्होंने इसे केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि सामाजिक दायित्व बताते हुए सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि लगातार घटते जलस्तर को रोकने के लिए अभी से गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो आने वाले समय में स्थिति और चिंताजनक हो सकती है। इसलिए कोरबा को जल संरक्षण के क्षेत्र में एक आदर्श शहर बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत एवं निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वर्ष 2026 को “स्वच्छ जल वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भू-जल संवर्धन को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। बैठक में छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला के दौरान रैनवाटर हार्वेस्टिंग की आवश्यकता और उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि शहरीकरण के कारण भू-जल पुनर्भरण में लगातार कमी आ रही है, जिसके कारण कई क्षेत्रों में जल संकट गहराने लगा है। ऐसे में वर्षा जल संचयन प्रणाली भू-जल स्तर बढ़ाने, जल गुणवत्ता सुधारने और कृषि उत्पादन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
निगम के नोडल अधिकारी एवं कार्यपालन अभियंता अखिलेश शुक्ला ने उपस्थित पार्षदों को जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 के तहत शासकीय एवं निजी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने विभिन्न मॉडल और तकनीकी प्रक्रियाओं की भी जानकारी दी।
बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि नगर निगम कोरबा ने वर्ष 2026 में कुल 1838 रैनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य रखा था। इसके तहत 757 शासकीय भवनों और 1081 निजी भवनों में सिस्टम लगाए जाने थे। अब तक 1728 सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं, जिसमें सभी शासकीय भवनों में कार्य पूर्ण हो चुका है। निजी भवनों में शेष कार्यों के लिए पुनः निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है।
कार्यक्रम में सभापति नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन, अशोक चावलानी सहित एमआईसी सदस्य हितानंद अग्रवाल, चन्द्रलोक सिंह, अजय गोंड़, चन्द्रकली जायसवाल, ममता यादव, पंकज देवांगन, राकेश वर्मा, प्रताप सिंह कंवर, धनकुमारी गर्ग, अब्दुल रहमान, सुनीता चौहान, वर्षा दिनेश वैष्णव, सिमरनजीत कौर, सत्येन्द्र दुबे, सीमा कंवर, चंदा देवी, चेतन सिंह मैत्री, मंगलराम बंदे, तरुण सिंह राठौर, रजत खुंटे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।


