कांग्रेस में संगठन नहीं, सियासी विसर्जन चल रहा है : के.एस. चौहान






पीसीसी बनाम बीसीसी की लड़ाई में उलझी कांग्रेस, वेलफेयर नहीं फेयरवेल की राजनीति उजागर
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** रायपुर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता के.एस. चौहान ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर चल रहे घमासान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि कांग्रेस का तथाकथित संगठन सृजन अभियान अब संगठन विसर्जन की शक्ल ले चुका है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस में इस समय वेलफेयर नहीं, बल्कि फेयरवेल और वर्चस्व की खुली जंग चल रही है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नई दिल्ली से लौटते ही कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान एक बार फिर तेज हो गई है और यह संघर्ष अब साफ तौर पर “पीसीसी वर्सेज बीसीसी” की तर्ज पर सामने आ रहा है। कांग्रेस के भीतर गुट एक-दूसरे के खिलाफ खुलकर मोर्चा संभाले हुए हैं और नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति और गहराती जा रही है।
श्री चौहान ने कहा कि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में अपनों को साधने और रेवड़ी बाँटने के आरोपों ने पहले ही संगठन की साख को कठघरे में खड़ा कर दिया था। यही नहीं, बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा में तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने ही नेतृत्व पर “वोट चोरी और चुनाव चोरी” जैसे गंभीर आरोप लगा दिए, जो कांग्रेस की आंतरिक स्थिति को बेनकाब करने के लिए काफी हैं।
उन्होंने कहा कि जब भाजपा की नकल करते हुए कांग्रेस ने मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति की, तब भी विवाद पीछा नहीं छोड़ पाया और आरोप-प्रत्यारोपों का दौर और तेज हो गया। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस में न तो कोई स्पष्ट नीति है और न ही संगठन को लेकर कोई एकमत सोच।
भाजपा प्रवक्ता श्री चौहान ने कहा कि इस समय कांग्रेस का एक खेमा दीपक बैज को हटाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है, वहीं दूसरा खेमा उन्हें किसी भी तरह कुर्सी पर बनाए रखने की जुगत में लगा हुआ है। इस खींचतान के बीच कांग्रेस के बड़े नेता अपने-अपने गुटों को साधने में लगे हैं और प्रदेश भर में वेलफेयर संग फेयरवेल का सियासी खेल खेला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह पूरी स्थिति आईने की तरह साफ कर देती है कि कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर है, नेतृत्व पूरी तरह कमजोर हो चुका है और पार्टी अब ऐसे दौर से गुजर रही है जहाँ कोई किसी की सुनने को तैयार नहीं है। पद, प्रतिष्ठा और वर्चस्व की लड़ाई ने कांग्रेस को भीतर से खोखला कर दिया है।
श्री चौहान ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में किसी भी स्तर पर कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है, लेकिन अपने आंगन में फैली अव्यवस्था और गड्ढों को देखने के बजाय कांग्रेसी नेता भाजपा में गुटबाजी ढूँढ़ने में जुटे हुए हैं। यह कांग्रेस की हताशा और दिशाहीनता का सबसे बड़ा प्रमाण है।





