January 22, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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भ्रष्टाचारियों के जुलूस और आदिवासी नेताओं की उपेक्षा से कांग्रेस का असली चेहरा बेनकाब : देवलाल ठाकुर

 

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** रायपुर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर करारा प्रहार करते हुए कहा है कि भ्रष्टाचारियों का महिमामंडन और आदिवासी समाज का राजनीतिक शोषण कांग्रेस की पुरानी और स्थापित कार्यशैली रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब कांग्रेस के दोहरे चरित्र को भली-भांति पहचान चुकी है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने बुधवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि एक ओर भ्रष्टाचार के गंभीर मामले में ज़मानत पर रिहा हुए व्यक्ति के लिए कांग्रेस ‘विजय जुलूस’ निकाल रही है, वहीं उसी मामले में जेल में बंद एक आदिवासी नेता की सुध लेने का साहस कांग्रेस नेतृत्व में नहीं था। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की मानसिकता को उजागर करता है, जहाँ परिवार और सत्ता के करीबी लोगों के लिए नियम अलग और आदिवासी नेताओं के लिए अलग होते हैं।
श्री ठाकुर ने आरोप लगाया कि जब भाजपा ने इस दोहरे मापदंड पर सवाल उठाए, तब जनदबाव के चलते पूर्व मुख्यमंत्री अगले दिन उस आदिवासी नेता से मिलने पहुँचे। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात संवेदना नहीं, बल्कि राजनीतिक मजबूरी का परिणाम थी।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने जानबूझकर कम पढ़े-लिखे आदिवासी नेताओं को मंत्री पद सौंपा, ताकि उनके विभागों में अधिकारी और बिचौलिये मिलकर ‘सिंडिकेट’ के माध्यम से खुला भ्रष्टाचार कर सकें। वहीं संतकुमार नेताम, मोहन मरकाम और लखेश्वर बघेल जैसे शिक्षित और समझदार आदिवासी विधायकों को दरकिनार कर दिया गया, क्योंकि वे नियम-कानून समझते थे और भ्रष्टाचार के रास्ते में बाधा बन सकते थे।
श्री ठाकुर ने कहा कि जाँच एजेंसियों की रिपोर्ट में स्वयं उस आदिवासी मंत्री ने यह स्वीकार किया है कि उन्हें पढ़ना-लिखना नहीं आता था और वे केवल अधिकारियों द्वारा लाए गए कागज़ों पर हस्ताक्षर करते थे। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ने आदिवासी नेतृत्व को मोहरा बनाकर उनके विभागों को भ्रष्टाचार के हवाले कर दिया।
कांग्रेस के इतिहास पर प्रहार करते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि जब-जब किसी जागरूक और आत्मसम्मानी आदिवासी नेता ने पार्टी के भीतर आवाज़ उठाई—चाहे वे झुमुकलाल भेड़िया, अरविंद नेताम या महेंद्र कर्मा रहे हों—उन्हें अपमानित किया गया, हाशिये पर धकेला गया या पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस ने आदिवासियों को कभी नेतृत्वकर्ता नहीं, बल्कि केवल ‘वोट बैंक’ के रूप में देखा।
श्री ठाकुर ने कांग्रेस द्वारा मनाए जा रहे जश्न को जनता को गुमराह करने वाला बताते हुए कहा कि न्यायालय ने केवल ज़मानत दी है, किसी को बरी नहीं किया है। भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे लोगों को ऊँचे पदों पर बैठाकर सम्मान देना कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक संस्कृति रही है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकार और स्वाभिमान के साथ हमेशा खड़ी रही है और रहेगी, जबकि कांग्रेस का इतिहास शोषण, अपमान और सत्ता के दुरुपयोग से भरा हुआ है। जनता अब सच्चाई समझ चुकी है और ऐसे राजनीतिक पाखंड को उचित जवाब देगी।

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