पाली महोत्सव में बालको की सहभागिता, स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने परोसे छत्तीसगढ़ी व्यंजन



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा पाली।****/ पाली महोत्सव में बालको (भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड) की सहभागिता के साथ स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा परोसे गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों ने लोगों का दिल जीत लिया। पारंपरिक स्वाद और स्थानीय व्यंजनों की मनमोहक खुशबू ने महोत्सव में आए आगंतुकों को अपनी ओर आकर्षित किया। इस आयोजन के माध्यम से लोगों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध पाक परंपरा का स्वाद चखने का अवसर मिला, जिससे महोत्सव और भी खास बन गया।
छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का अनोखा संगम
स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार फरा, चीला, अइरसा, ठेठरी-खुर्मा, चौसेला, बफौरी, देसी पकवान और विभिन्न प्रकार के पारंपरिक पेय पदार्थ परोसे, जो महोत्सव में आए लोगों को बेहद पसंद आए। इन व्यंजनों की खुशबू और स्वाद ने स्थानीय खानपान को बढ़ावा देने के साथ-साथ महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल को भी प्रोत्साहित किया।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम
स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं का यह प्रयास स्थानीय व्यंजनों के संरक्षण और उनकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध पाक परंपरा को भी नई पहचान मिलेगी। आयोजन में उपस्थित अतिथियों और दर्शकों ने महिलाओं के इस प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उनके आत्मनिर्भर बनने की दिशा में उठाए गए इस कदम को सराहा।
बालको के सामुदायिक विकास कार्यों की विशेष प्रदर्शनी
पाली महोत्सव में बालको द्वारा एक विशेष प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जहां कंपनी के सामुदायिक विकास कार्यों और एल्यूमिनियम उत्पादन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। इस प्रदर्शनी में बालको द्वारा आत्मनिर्भर भारत में एल्यूमिनियम उत्पादन में योगदान, शिक्षा उन्नयन, युवा स्वावलंबन, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना विकास संबंधी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जानकारी आगंतुकों को प्रदान की गई।
पारंपरिक थीम और आकर्षक स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
पाली महोत्सव में खूबसूरत पारंपरिक थीम के साथ सजाए गए स्टॉल आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहे। छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करने वाले इन स्टॉल्स ने मेले के माहौल को और भी जीवंत बना दिया।
पाली महोत्सव में आए लोगों ने बालको की सहभागिता और स्व-सहायता समूह की महिलाओं के इस प्रयास को सफल बनाने के लिए सभी आयोजकों को बधाई दी। इस प्रकार के आयोजन स्थानीय संस्कृति और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लोगों ने इस पहल को जारी रखने की अपील करते हुए महिलाओं के आत्मनिर्भरता के प्रयासों की सराहना की।



