छत्तीसगढ़ में विदेशी फंडिंग के दुरुपयोग पर मुख्यमंत्री साय की सख्ती, जांच के निर्देश




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **** रायपुर, 20 फरवरी 2025 – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राज्य में कुछ गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) द्वारा विदेशी फंडिंग के दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस फंडिंग का उपयोग शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे उद्देश्यों के बजाय धर्मांतरण जैसी अवैध गतिविधियों में किया जा रहा है, जो संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे की गहन जांच के निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि यदि कोई संगठन अवैध गतिविधियों में लिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विदेशी फंडिंग की आड़ में धर्मांतरण का खेल
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां मानवता की सेवा के नाम पर विदेशी धन प्राप्त करती हैं, लेकिन इसकी आड़ में गरीब और अशिक्षित लोगों को भ्रमित कर, लालच देकर या चंगाई के नाम पर धर्मांतरण कराया जाता है। उन्होंने कहा कि यह न केवल सामाजिक संतुलन को प्रभावित करता है, बल्कि राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द के लिए भी खतरा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उन सभी एनजीओ की गहन जांच की जाए, जिन्हें विदेशी एजेंसियों से आर्थिक सहायता मिली है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विदेशी फंडिंग पर सवाल
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल में USAID को बंद कर दिया था, क्योंकि वहां करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग हो रहा था। अब यह सामने आ रहा है कि भारत में भी USAID के माध्यम से मिली विदेशी फंडिंग का गलत तरीके से उपयोग किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि इस तरह की संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।
संदिग्ध एनजीओ की कड़ी जांच और कठोर कार्रवाई
राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी गैर-सरकारी संगठन स्वास्थ्य और शिक्षा के नाम पर विदेशी फंडिंग का दुरुपयोग न करे। यदि कोई एनजीओ अवैध गतिविधियों में लिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए पहले से ही कड़े कानून लागू कर रही है और आगे भी इस दिशा में प्रभावी कदम उठाएगी।
सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है और राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। लेकिन अगर कोई संस्था धर्मांतरण के जरिए समाज में अस्थिरता फैलाने का प्रयास करती है, तो सरकार उसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। इस मामले को लेकर राज्य सरकार केंद्र सरकार और प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर आवश्यक कार्रवाई करेगी, ताकि विदेशी फंडिंग का कोई भी दुरुपयोग न हो और समाज में स्थिरता बनी रहे।


