August 23, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

कोरबा कुसमुंडा कोल् इंडिया के इतिहास में पहली बार रातभर सड़क में बैठी रही सैकड़ों महिलाएं

1 min read

 


24 घंटे आंदोलन के बाद प्रबंधन ने की बात
कोरबा  सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया की अनुसांगिक कंपनी एसईसीएल बिलासपुर के अधीन कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित कुसमुंडा परियोजना खदान में सोमवार को शुरू हुआ आंदोलन के लगभग 24 घंटे के बाद प्रबंधन के हस्ताक्षेप के बाद समाप्त हुआ। रविवार की सुबह लगभग 10 बजे कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय के सामने से आंदोलनकारी बड़ी संख्या में शुरू होकर कुसमुंडा थाना चौक पंहुचे, जहां कुसमुंडा खदान से निकलने वाली भारी वाहनों को रोकते हुए सड़क पर ही बैठ गए। सड़क पर ही दोपहर और रात का खाना बनाया गया और संभवतः एसईसीएल कुसमुंडा के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ होगा की बड़ी संख्या में आंदोलनकारी जिसमें अधिकांश महिलाएं थी, पूरी रात सड़कों पर खुले आसमान के नीचे ही डटे रहे।
अगली सुबह आंदोलनकारी मंगलवार को कुछ लोगों को थाना चौक पर ही छोड़कर कुसमुंडा खदान अंदर प्रवेश किए और साइलो का काम रोकते हुए सभी सतर्कता चौक पर कोल डिस्पेच को भी रोकते हुए वही बैठ गए। इधर आंदोलन की वजह से कुसमुंडा खदान अंदर के साथ-साथ बाहर कई किलोमीटर तक भारी वाहनों की कतार लग गई। खदान के बाहर ट्रेफिक व्यवस्था को सम्हालना मुश्किल हो गया था। जिसके बाद दर्री तहसीलदार भारत सिंह और कुसमुंडा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार की अगुवाई में आंदोलनकारियों और प्रबंधन के साथ एक त्रिपक्षीय वार्ता शुरू हुई जिसमें प्रबंधन के द्वारा कहा गया की आगामी 21 सितम्बर को बिलासपुर सीएमडी स्तर के अधिकारियों के साथ एक बैठक होगी। जिसमें भू-विस्थापितों की मांगों पर चर्चा की जावेगी। इस आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हुआ।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.