राज्योत्सव के दिन भी कांग्रेस को छत्तीसगढ़ की नहीं, गांधी परिवार की चिंता : अरुण साव
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उप मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा– प्रदेश की अस्मिता और गौरव के पर्व से दूरी बनाकर दिल्ली में परिवार के समर्थन में कर रही रैली
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश में राज्योत्सव का उत्साह है, वहीं कांग्रेस की दिल्ली में आयोजित रैली को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव, प्रदेश की अस्मिता और जनता के गौरव से कोई सरोकार नहीं है। कांग्रेस के लिए देश और प्रदेश से बढ़कर एक परिवार का राजनीतिक हित है। जिस दिन पूरा छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना का उत्सव मना रहा है, उसी दिन कांग्रेस दिल्ली में एक परिवार के समर्थन में रैली निकाल रही है। यह कांग्रेस की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है।
उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ का राज्य स्थापना दिवस प्रदेशवासियों के लिए गौरव, सम्मान और अपनी सांस्कृतिक पहचान का पर्व है। इस अवसर पर कांग्रेस की भूमिका प्रदेश की जनता के साथ खड़े होने की होनी चाहिए थी, लेकिन पार्टी ने अपनी राजनीतिक गतिविधियों को प्राथमिकता दी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस के लिए छत्तीसगढ़ की जनता और प्रदेश का गौरव महत्वपूर्ण नहीं है? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति परिवार केंद्रित होकर रह गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए साव ने कहा कि आज भारत वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। दुनिया के अनेक हिस्से युद्ध और अस्थिरता से प्रभावित हैं, लेकिन भारत विकास, आर्थिक प्रगति और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया की पांच प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने और वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प प्रधानमंत्री ने लिया है। कांग्रेस को देश की इस विकास यात्रा पर सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए, लेकिन वह लगातार राजनीतिक विरोध और आरोप-प्रत्यारोप में उलझी हुई है।
संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस पर निशाना
अरुण साव ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक विवादों में घसीटने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी कांग्रेस के अनुकूल निर्णय नहीं आते, तब वह चुनाव आयोग, प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई और न्यायपालिका जैसी संस्थाओं पर सवाल खड़े करने लगती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान और उनकी निष्पक्षता में विश्वास रखने से आती है, न कि राजनीतिक सुविधा के अनुसार उन पर आरोप लगाने से।
उन्होंने ईवीएम और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस को जीत मिलती है, वहां चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम पर उसे आपत्ति नहीं होती, लेकिन हार मिलने पर वही प्रक्रिया संदेह के घेरे में खड़ी कर दी जाती है। साव ने इसे कांग्रेस का दोहरा रवैया बताते हुए कहा कि चुनावी परिणामों को स्वीकार करने के बजाय संस्थाओं पर आरोप लगाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति उचित दृष्टिकोण नहीं है।
बाबा साहेब के संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के सम्मान की दी नसीहत
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है, जिसकी जिम्मेदारी देश में निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव संपन्न कराना है। ऐसी संस्थाओं पर बिना ठोस आधार के आरोप लगाने से जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा होती है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान ने देश को मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था दी है और सभी राजनीतिक दलों का दायित्व है कि वे संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखें।
साव ने कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर जनता के बीच उसकी राजनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर सवाल क्यों उठ रहे हैं। देश विकास और भविष्य के लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा है, ऐसे समय में राजनीतिक दलों को रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि छत्तीसगढ़ का राज्योत्सव प्रदेश की जनता के गौरव और पहचान का पर्व है, जबकि कांग्रेस की दिल्ली रैली को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने प्रदेश के इस महत्वपूर्ण अवसर से ज्यादा अपने राजनीतिक और पारिवारिक हितों को प्राथमिकता दी है।
