छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस और दीपावली पर प्रदर्शन की तारीख चुनना कांग्रेस की संकीर्ण राजनीति : देवलाल ठाकुर
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10 हजार करोड़ रुपये के व्यापार पर असर की आशंका और 1984 के सिख नरसंहार का हवाला देकर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कांग्रेस पर बोला तीखा हमला
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने 1 नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति में छत्तीसगढ़ की अस्मिता, सनातन संस्कृति और आम जनता के हितों के लिए कोई सम्मान नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर छत्तीसगढ़ का स्थापना दिवस है, जो प्रदेशवासियों के गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक है। ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेश के विकास और जनहित की बात करने के बजाय कांग्रेस नेताओं का दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
देवलाल ठाकुर ने आरोप लगाया कि दीपावली के प्रमुख कारोबारी समय में प्रदर्शन की तारीख तय करने से बाजारों और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित प्रदर्शन से लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के कारोबार के प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने सवाल किया कि छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी संचालकों की आजीविका प्रभावित होने की स्थिति में कांग्रेस किस तरह की राजनीति करना चाहती है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने 1984 के सिख नरसंहार का उल्लेख करते हुए कहा कि उस त्रासदी में सिख समुदाय ने भारी पीड़ा झेली थी। ऐसे संवेदनशील ऐतिहासिक संदर्भ के बीच 1 नवंबर को प्रदर्शन की तारीख चुनने के औचित्य पर कांग्रेस को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ संबंधी आरोपों को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को तथ्यों के आधार पर साबित किया जाना चाहिए।
देवलाल ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन छत्तीसगढ़ की अस्मिता, दीपावली की खुशियों, व्यापारियों की आजीविका और सिख समाज की संवेदनाओं का सम्मान करना भी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि राजनीतिक विरोध के लिए प्रदेश के गौरवपूर्ण अवसर और त्योहारों के समय को चुनने के पीछे आखिर क्या मंशा है?
