रामवन गमन से भरत मिलाप तक भावनाओं का सैलाब, घंटाघर की रामलीला में जीवंत हुई मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की गाथा
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उज्जैन और बनारस के कलाकारों ने सजीव मंचन से बांधा समां, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की उपस्थिति में तीसरे दिन उमड़ा श्रद्धा और भक्ति का रंग
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा, 17 अक्टूबर। भगवान श्रीराम के त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और भ्रातृप्रेम की अनुपम गाथा शनिवार को घंटाघर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर ओपन थिएटर में सजीव हो उठी। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा आयोजित छह दिवसीय रामलीला के तीसरे दिन रामवन गमन से लेकर केंवट प्रसंग और भरत मिलाप तक के दृश्यों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। उज्जैन और बनारस से आए कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय से रामकथा के प्रमुख प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीरामलला के चरणों में पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन उपस्थित रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कोरबा विभाग के संघचालक सत्येन्द्र दुबे एवं सामाजिक समरसता प्रमुख विश्वनाथ बोगी ने भी पूजा-अर्चना कर आयोजन का शुभारंभ कराया।

मंथरा-कैकेयी संवाद से रामवन गमन तक, मंचन ने छुआ दर्शकों का हृदय
रामलीला के दौरान मंथरा-कैकेयी संवाद, रामवन गमन, केंवट प्रसंग, राजा दशरथ का देवलोक गमन और भरत मिलाप का मंचन किया गया। कलाकारों ने भावपूर्ण अभिनय के माध्यम से पारिवारिक संबंधों, त्याग, समर्पण और धर्म के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश प्रस्तुत किया। भगवान श्रीराम के वनगमन और भरत के भ्रातृप्रेम के प्रसंगों ने रामकथा की भावनात्मक गहराई को दर्शाया।
महापौर संजू देवी राजपूत ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किए। कार्यक्रम में खादी ग्रामोद्योग अध्यक्ष भोजराम देवांगन, प्राचार्य सूर्यकांत पाण्डेय, वरिष्ठ पत्रकार कमलेश रात्रे, निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, चन्द्रमा सिंह राजपूत, मेयर इन काउंसिल के सदस्य, पार्षद, एल्डरमेन तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु नागरिक उपस्थित रहे।
18 अक्टूबर को सीता हरण और राम-हनुमान मिलन का मंचन
रामलीला के चौथे दिन 18 अक्टूबर को पंचवटी प्रसंग, सीता हरण, राम-हनुमान मिलन, राम-सुग्रीव मैत्री, बाली वध और लंका दहन का मंचन होगा। 19 अक्टूबर को सेतु बंध, अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति, मेघनाद वध, रावण वध और राज्याभिषेक सहित अन्य प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। वहीं, 20 अक्टूबर को रावण दहन के साथ मधुर संगीत का आयोजन होगा।
घंटाघर का रामलीला मैदान इन दिनों रामकथा के प्रसंगों से भक्तिमय बना हुआ है। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति, आदर्शों और पारिवारिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बन रहा है।
