‘शराब घोटाले की कथित कमाई से बना कांग्रेस कार्यालय?’ संतोष पांडेय ने उठाए सवाल, सभी कांग्रेस कार्यालयों को राजसात करने की मांग
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₹3,200 करोड़ के कथित शराब घोटाले पर भाजपा सांसद का कांग्रेस पर हमला, राजीव भवन के निर्माण से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित शराब घोटाले को लेकर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय ने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार और कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए घोटाले की कथित कमाई, कांग्रेस कार्यालयों के निर्माण और पार्टी के वित्तीय लेन-देन की जांच को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मांग की कि रायपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन के निर्माण से संबंधित सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं तथा प्रदेश के सभी कांग्रेस कार्यालयों की संपत्तियों को राजसात करने की कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जाए।
एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए संतोष पांडेय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में कोयला, शराब और सट्टे से जुड़े मामलों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। उन्होंने कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा सांसद ने आरोपों के आधार पर कांग्रेस नेतृत्व से जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई।
3,200 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में 20 व्यक्ति और 22 कंपनियां आरोपपत्र में शामिल
शराब घोटाले के मामले में जांच एजेंसी ईओडब्ल्यू/एसीबी ने 14 अक्टूबर 2026 को 10वां पूरक आरोपपत्र दाखिल किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इसमें कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल सहित 20 व्यक्तियों और 22 फर्मों एवं कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। आरोपपत्र में कथित अवैध शराब उत्पादन, परिवहन, बिक्री, कमीशन वसूली और अवैध धन के निवेश से जुड़े आरोपों का उल्लेख है।
संतोष पांडेय ने आरोप लगाया कि कथित शराब सिंडिकेट के माध्यम से सरकारी आबकारी व्यवस्था का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने बिना शुल्क चुकाई गई शराब की बिक्री, फर्जी परिवहन परमिट, विदेशी शराब की आपूर्ति में कथित कमीशन और हवाला नेटवर्क के जरिए धन के लेन-देन जैसे मुद्दों को गंभीर बताते हुए पूरे मामले की तह तक जाने की मांग की।

राजीव भवन के निर्माण का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग
भाजपा सांसद ने कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन के निर्माण और उसके वित्तीय स्रोतों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि भवन निर्माण से जुड़े दस्तावेज और धन के स्रोत सार्वजनिक किए जाएं, ताकि जनता के सामने पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।
इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय की हालिया अभियोजन शिकायत में भी महत्वपूर्ण आरोप सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एजेंसी ने कथित शराब घोटाले से जुड़े लगभग 860 से 880 करोड़ रुपये नकद राजीव भवन पहुंचाए जाने का आरोप लगाया है। यह जांच एजेंसी का आरोप है, जिसे न्यायिक प्रक्रिया में प्रमाणित होना बाकी है।
कांग्रेस नेतृत्व से कार्रवाई और जनता से माफी की मांग
संतोष पांडेय ने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व से कथित घोटालों में आरोपों का सामना कर रहे नेताओं के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में राजनीतिक जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए और जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा कथित भ्रष्टाचार के मामलों से संबंधित तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर राज्यपाल, चुनाव आयोग तथा अन्य संबंधित संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर कार्रवाई की मांग करेगी।
जांच, जवाबदेही और कानूनी कार्रवाई पर टिकी निगाहें
कथित शराब घोटाले को लेकर आरोपपत्र दाखिल होने और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा कांग्रेस कार्यालयों की संपत्तियों को राजसात करने की मांग उठा रही है, वहीं इस मांग पर किसी कानूनी कार्रवाई का निर्णय संबंधित सक्षम प्राधिकारियों और न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में ही होगा।
पत्रकार वार्ता के दौरान लौह शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा भी मौजूद रहे।
