डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना है तो यूपीआई पर शुल्क नहीं, व्यापारियों को राहत दे सरकार : अशोक मोदी
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दीपावली तक एमडीआर शुल्क स्थगित करने के फैसले का स्वागत, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के छत्तीसगढ़ प्रदेशाध्यक्ष ने की इसे स्थायी रूप से समाप्त करने की मांग
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। डिजिटल भुगतान आज देश के व्यापारिक कारोबार का अहम हिस्सा बन चुका है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक यूपीआई के माध्यम से रोजाना लाखों लेन-देन हो रहे हैं। ऐसे में यूपीआई भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क लगाने का मुद्दा व्यापारियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, छत्तीसगढ़ के प्रदेशाध्यक्ष अशोक मोदी ने केंद्र सरकार से इस शुल्क को पूरी तरह समाप्त करने की मांग उठाई है।
अशोक मोदी ने केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा दीपावली तक एमडीआर शुल्क लगाने के फैसले को स्थगित रखने के कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय व्यापारियों को फिलहाल राहत देने वाला है, लेकिन व्यापार जगत की अपेक्षा केवल अस्थायी राहत तक सीमित नहीं है। सरकार को ऐसा स्थायी निर्णय लेना चाहिए, जिससे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को व्यापक प्रोत्साहन मिला है। यूपीआई ने भुगतान की प्रक्रिया को आसान, तेज और सुविधाजनक बनाया है। ग्राहक अब नकदी के बजाय मोबाइल से भुगतान करना पसंद कर रहे हैं। ऐसे में यदि डिजिटल लेन-देन पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है, तो विशेष रूप से छोटे दुकानदारों और मध्यम वर्ग के व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है।
डिजिटल इंडिया की रफ्तार बनाए रखने के लिए जरूरी है शुल्क से राहत
अशोक मोदी के अनुसार, त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारी और डिजिटल भुगतान दोनों बढ़ते हैं। ऐसे समय में व्यापारियों पर अतिरिक्त शुल्क का दबाव उनकी व्यावसायिक लागत को प्रभावित कर सकता है। यूपीआई की लोकप्रियता बढ़ाने में इसकी सरलता और सुविधाजनक उपयोग की अहम भूमिका रही है। इसलिए इस व्यवस्था को व्यापारियों के लिए आर्थिक रूप से सहज बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि यूपीआई पर एमडीआर शुल्क को केवल दीपावली तक स्थगित रखने के बजाय इसे स्थायी रूप से समाप्त करने पर निर्णय लिया जाए। इससे छोटे और बड़े व्यापारियों को राहत मिलेगी तथा डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के राष्ट्रीय प्रयासों को भी मजबूती मिल सकती है।
व्यापारियों के हित में स्थायी निर्णय की मांग
अशोक मोदी ने कहा कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था की सफलता तभी और अधिक प्रभावी होगी, जब ग्राहक और व्यापारी दोनों बिना अतिरिक्त आर्थिक दबाव के इसका लाभ उठा सकें। सरकार को व्यापारियों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसी नीति अपनानी चाहिए, जो डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ व्यापारिक हितों की भी रक्षा करे।
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की यह मांग व्यापारियों पर संभावित अतिरिक्त लागत के मुद्दे को सामने लाती है। अब व्यापार जगत की निगाहें केंद्र सरकार के अगले कदम पर हैं कि डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के साथ व्यापारियों को स्थायी राहत देने के लिए क्या निर्णय लिया जाता है।
