कोरबा में विज्ञान की नई क्रांति! 25 करोड़ से बनेगा छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा साइंस सेंटर, अब रोबोटिक्स से लेकर अंतरिक्ष विज्ञान तक की दुनिया देखेंगे विद्यार्थी
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रिस्दी रोड पर आकार लेगा 1.30 लाख वर्गफीट में आधुनिक विज्ञान का भव्य केंद्र, मंत्री लखन लाल देवांगन ने किया भूमिपूजन
चंद्रयान-मंगलयान की तकनीक, रोबोटिक्स, प्लेनेटोरियम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और खनन की दुनिया से रूबरू होंगे बच्चे; कोरबा के शैक्षणिक विकास को मिलेगी नई दिशा
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// कोरबा। कोयला और बिजली उत्पादन के लिए देशभर में पहचान रखने वाला कोरबा अब विज्ञान, नवाचार और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भी नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। शहर के रिस्दी रोड पर 25 करोड़ रुपये की लागत से छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा साइंस एवं कन्वेंशन सेंटर विकसित किया जाएगा। यहां विद्यार्थियों को विज्ञान की किताबों में पढ़े जाने वाले सिद्धांतों को प्रत्यक्ष प्रयोगों और आधुनिक तकनीकी सुविधाओं के माध्यम से समझने का अवसर मिलेगा। गुरुवार, 15 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर साइंस एवं कन्वेंशन सेंटर का विधि-विधान से भूमिपूजन किया। अडानी फाउंडेशन के सहयोग से सीएसआर मद के अंतर्गत बनने वाली यह परियोजना कोरबा के शैक्षणिक और तकनीकी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

अब किताबों से निकलकर प्रयोगशाला और अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में पहुंचेंगे विद्यार्थी
प्रस्तावित साइंस सेंटर की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि यहां विज्ञान को केवल पढ़ने का विषय नहीं, बल्कि देखने, समझने, प्रयोग करने और अनुभव प्राप्त करने का माध्यम बनाया जाएगा। रोबोटिक्स जोन, स्पेस जोन, प्लेनेटोरियम, माइनिंग एक्सपीरियंस जोन, सांस्कृतिक केंद्र तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक आभासी तकनीक से जुड़ी सुविधाएं विद्यार्थियों के आकर्षण का केंद्र बनेंगी। इन सुविधाओं के माध्यम से बच्चे अंतरिक्ष विज्ञान, ग्रहों, वैज्ञानिक प्रयोगों, रोबोटिक तकनीक और आधुनिक औद्योगिक प्रक्रियाओं को अधिक सहज तरीके से समझ सकेंगे।
चंद्रयान और मंगलयान जैसे अंतरिक्ष अभियानों में इस्तेमाल होने वाली तकनीकों के बारे में जानने से विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी। वहीं रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों से परिचित होकर वे भविष्य की तकनीकी संभावनाओं को समझ सकेंगे। खनन क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियां कोरबा जैसे औद्योगिक जिले के विद्यार्थियों को अपने आसपास की औद्योगिक दुनिया और विज्ञान के व्यावहारिक उपयोग को करीब से समझने का अवसर देंगी।

मंत्री लखन लाल देवांगन बोले—कोरबा के इतिहास में लिखा जाएगा विज्ञान का नया अध्याय
भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि कोरबा में साइंस सेंटर का निर्माण जिले के इतिहास में एक नया वैज्ञानिक अध्याय जोड़ेगा। इस केंद्र से कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को विज्ञान और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में सीखने के नए अवसर प्राप्त होंगे। बच्चे वैज्ञानिक प्रयोगों के जरिए नई-नई चीजों को समझ सकेंगे और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत-2047 की संकल्पना को साकार करने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और तकनीक सहित प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर प्रगति आवश्यक है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित साइंस सेंटर विद्यार्थियों को ज्ञान और कौशल से सशक्त बनाने के साथ उन्हें भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मंत्री ने इस परियोजना के लिए जिलेवासियों को बधाई देते हुए कहा कि इससे कोरबा को विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान मिल सकती है।
1.30 लाख वर्गफीट में विकसित होगा आधुनिक विज्ञान का परिसर
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 1.30 लाख वर्गफीट क्षेत्र में विकसित होने वाला यह साइंस सेंटर जिला स्तर पर विद्यार्थियों को आधुनिक वैज्ञानिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। सीएसआर सहयोग से साकार होने वाली इस परियोजना में बच्चों की जिज्ञासा, व्यावहारिक समझ और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष जिले के पीएम श्री विद्यालयों के विद्यार्थियों के अहमदाबाद स्थित साइंस सेंटर भ्रमण के दौरान वहां उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया गया था। कोरबा में भी इसी स्तर की आधुनिक सुविधाएं विकसित होने से विद्यार्थियों को विज्ञान और नवाचार की दुनिया से जुड़ने के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। अपने ही जिले में प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर मिलने से विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को समझना आसान होगा।
महापौर संजूदेवी राजपूत ने बताया विद्यार्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण पहल
महापौर संजूदेवी राजपूत ने कहा कि साइंस सेंटर के निर्माण से कोरबा के बच्चों को विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों और आधुनिक तकनीक को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। यह केंद्र विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने, उनकी जिज्ञासा बढ़ाने और उन्हें विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने में सहायक होगा। उन्होंने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए जिला प्रशासन और अडानी फाउंडेशन को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
औद्योगिक विकास के साथ शिक्षा और रोजगार पर भी जोर
मंत्री लखन लाल देवांगन ने प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि राज्य सरकार की नई उद्योग नीति के माध्यम से औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित किया जा रहा है। डाटा सेंटर, सेमीकंडक्टर पार्क और टेक्सटाइल पार्क जैसी परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कोरबा तेजी से महानगर के स्वरूप की ओर बढ़ रहा है। शहर में सड़कों, पुल-पुलियों और यातायात सुविधाओं के विकास के लिए सीएसआर एवं डीएमएफ मद से विभिन्न कार्य कराए जा रहे हैं। सीतामढ़ी से उरगा रोड, बरबसपुर से दर्री रोड तथा ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक होते हुए रिस्दी चौक तक सड़क निर्माण एवं मरम्मत के कार्यों से आवागमन सुगम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। संजयनगर के पास अंडरब्रिज का कार्य भी शुरू हो चुका है। सुनालिया, सर्वमंगला और बेलगिरी सहित अन्य स्थानों पर पुल-पुलियों के निर्माण की योजना से शहर की यातायात सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
उद्योगों के सहयोग से विकास को मिलेगी गति
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि कोरबा एक प्रमुख औद्योगिक नगरी है और शहर के विकास में उद्योगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि बालको द्वारा शहर के भीतर फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि एसईसीएल ने सीतामढ़ी-उरगा सड़क निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। स्वामी विवेकानंद शैक्षणिक परिसर में लाइब्रेरी का निर्माण भी सीएसआर मद से किया जाएगा। इसके अलावा नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अन्य विकास कार्यों को भी सीएसआर मद से स्वीकृति मिली है।
विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में कोरबा को नई पहचान दिलाने की उम्मीद
कोरबा में प्रस्तावित साइंस एवं कन्वेंशन सेंटर केवल एक भवन निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रोबोटिक्स, अंतरिक्ष विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और खनन तकनीक जैसी सुविधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रुचि पहचानने तथा भविष्य की शिक्षा और करियर के विकल्पों को समझने में मदद मिल सकती है।
भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी ने कहा कि कोरबा में बनने वाला साइंस सेंटर छत्तीसगढ़ में विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। 25 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाला यह केंद्र जिले के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान-विज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की क्षमता रखता है।
भूमिपूजन समारोह में नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, डॉ. राजीव सिंह, नरेंद्र देवांगन, नगर निगम के एमआईसी सदस्य, अडानी फाउंडेशन के सीईओ वैभव टंडन, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कोरबा के लिए यह परियोजना औद्योगिक पहचान के साथ ज्ञान, विज्ञान और नवाचार की नई संभावनाओं का द्वार खोलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में इस केंद्र से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और नई तकनीकों के प्रति रुचि बढ़ाने की उम्मीद है।
