मछुआरा समाज के सशक्तीकरण और मत्स्य क्षेत्र के विकास पर भाजपा का फोकस, कर्मवीर सिंह बोले—‘नील क्रांति से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा देश’
भाजपा प्रदेश कार्यालय में मछुआरा प्रकोष्ठ की बैठक, सरकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने पर जोर
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// रायपुर। मत्स्य पालन को रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बनाने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी मछुआरा समाज के बीच अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को विस्तार देने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में मछुआरा प्रकोष्ठ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मत्स्य क्षेत्र के विकास के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्हें आधुनिक भारत में नील क्रांति का सूत्रधार बताया।
कर्मवीर सिंह ने कहा कि मछुआरा समाज देश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मत्स्य पालन को नई पहचान देने, मछुआरों को सुविधाएं उपलब्ध कराने और इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने विभिन्न योजनाओं और संस्थागत व्यवस्थाओं पर काम किया है। उन्होंने अलग मत्स्य मंत्रालय के गठन, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा तथा बीमा योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों का उद्देश्य मछुआरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और मत्स्य क्षेत्र का विकास करना है।
योजनाओं का लाभ हर पात्र मछुआरे तक पहुंचाना प्राथमिकता
बैठक में मछुआरा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रदीप कैवर्त्य ने संगठन की आगामी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रकोष्ठ को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने के साथ केंद्र और राज्य सरकार की मछुआरा हितैषी योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचानी होगी। उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे मछुआरा समाज के लोगों से निरंतर संपर्क बनाए रखें, उनकी समस्याओं को समझें और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग करें।
प्रदीप कैवर्त्य ने मत्स्य क्षेत्र के लिए अलग मंत्रालय की स्थापना की पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2019 से पहले मत्स्य पालन से संबंधित कार्य कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत संचालित होते थे। फरवरी 2019 में मत्स्य पालन से संबंधित अलग विभाग की अधिसूचना जारी की गई और मई 2019 में मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय का गठन किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को मत्स्य क्षेत्र के विकास, आधुनिक सुविधाओं के विस्तार और मछुआरों की आजीविका को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
नील क्रांति से रोजगार और आर्थिक अवसरों पर चर्चा
बैठक में मत्स्य पालन के आधुनिकीकरण, मछुआरों की आर्थिक स्थिति में सुधार और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर संगठनात्मक दृष्टिकोण से चर्चा की गई। मत्स्य पालन को केवल पारंपरिक आजीविका तक सीमित न रखते हुए इसे आधुनिक तकनीक, बेहतर उत्पादन और नए आर्थिक अवसरों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
भाजपा मछुआरा प्रकोष्ठ के समक्ष बूथ स्तर पर संगठन का विस्तार करने, समाज के लोगों के साथ संवाद बढ़ाने और योजनाओं के प्रति जागरूकता विकसित करने की जिम्मेदारी भी रेखांकित की गई। बैठक का प्रमुख संदेश रहा कि सरकारी योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ वास्तविक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए संगठनात्मक सक्रियता महत्वपूर्ण है।
प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी और डॉ. नवीन मार्कण्डेय, प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजक चुन्नीलाल साहू, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू राम निषाद, मछुआरा प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी कृष्ण बिहारी जायसवाल सहित प्रकोष्ठ के प्रदेश पदाधिकारी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और विशेष आमंत्रित सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के माध्यम से भाजपा ने मछुआरा समाज के बीच संगठनात्मक संपर्क बढ़ाने, मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं के प्रति जागरूकता विकसित करने और बूथ स्तर पर प्रकोष्ठ की सक्रियता मजबूत करने पर अपना ध्यान केंद्रित किया।
