नारी सम्मान पर कांग्रेस की चुप्पी क्यों? JNU प्रकरण पर कोरबा में भाजपा का जोरदार हमला, गोपाल मोदी के नेतृत्व में महिला मोर्चा ने खोला मोर्चा
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टी.पी. नगर में आक्रोश धरना, कांग्रेस कार्यालय का घेराव; भाजपा ने पूछा—महिलाओं के अधिकारों पर बयान देने वाली कांग्रेस अपने नेताओं से जुड़े आरोपों पर जवाबदेही कब तय करेगी?
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// कोरबा। महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की बात करने वाली कांग्रेस अब जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की छात्राओं से कथित दुर्व्यवहार के मामले को लेकर भाजपा के निशाने पर है। इसी मुद्दे को लेकर कोरबा में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए टी.पी. नगर में धरना-प्रदर्शन किया और इसके बाद कांग्रेस कार्यालय का घेराव कर जवाबदेही तय करने तथा उचित कार्रवाई की मांग उठाई। भाजपा महिला मोर्चा के इस प्रदर्शन में नारी सम्मान का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। प्रदर्शन के जरिए भाजपा ने कांग्रेस से सवाल किया कि जब महिलाओं के अधिकारों और सम्मान को लेकर राजनीतिक बयान दिए जाते हैं, तो ऐसे गंभीर आरोपों के मामलों में स्पष्ट जवाब और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी क्यों नहीं माना जाता?
राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने नेतृत्व किया, जबकि महापौर संजू देवी राजपूत की विशेष उपस्थिति रही। महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लेकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। भाजपा ने संबंधित सांसद के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग करते हुए स्पष्ट किया कि महिलाओं और छात्राओं के सम्मान से जुड़े मामलों को राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।
महिलाओं के अधिकारों पर भाषण बहुत, जवाबदेही पर चुप्पी क्यों? भाजपा ने कांग्रेस को घेरा
भाजपा ने इस प्रकरण को महिला सम्मान और राजनीतिक जवाबदेही से जोड़ते हुए कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा किसी राजनीतिक दल के लिए केवल भाषणों का विषय नहीं होना चाहिए, बल्कि व्यवहार में भी समान रूप से गंभीरता दिखाई देनी चाहिए। यदि छात्राओं की ओर से दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आई है, तो मामले की निष्पक्ष जांच, तथ्यों के आधार पर कार्रवाई और संबंधित लोगों की जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।
भाजपा ने कांग्रेस से सवाल किया कि महिला अधिकारों को लेकर मुखर रहने वाले नेताओं और पार्टी के प्रतिनिधियों को ऐसे मामलों में भी अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। हालांकि, आरोपों और उनकी राजनीतिक व्याख्या के बीच अंतर बनाए रखते हुए संबंधित मामले में तथ्यों तथा जांच के आधार पर कार्रवाई होना आवश्यक है।
गोपाल मोदी का तीखा संदेश—नारी सम्मान से समझौता स्वीकार नहीं
भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर मातृशक्ति के सम्मान और सुरक्षा का महत्व और भी बढ़ जाता है। भारतीय संस्कृति में नारी को सम्मान का स्थान दिया गया है और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि JNU की छात्राओं से जुड़े मामले में कांग्रेस की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उनका कहना था कि महिलाओं के सम्मान से जुड़े विषयों पर राजनीतिक दलों को दोहरा रवैया नहीं अपनाना चाहिए। यदि किसी जनप्रतिनिधि पर गंभीर आरोप हैं, तो उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए और नियमानुसार उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
गोपाल मोदी ने कहा कि भाजपा महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाती रहेगी। पार्टी ने संबंधित सांसद के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए इस मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
संजू देवी राजपूत ने उठाया सवाल—सांसद की जवाबदेही भी हो तय
महापौर संजू देवी राजपूत ने कहा कि JNU की छात्राओं से कथित दुर्व्यवहार के विरोध में महिला मोर्चा का सड़क पर उतरना महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मामले में संबंधित व्यक्ति की भूमिका की गंभीरता से जांच होनी चाहिए और सांसद के रूप में उनकी जवाबदेही पर भी उचित निर्णय लिया जाना चाहिए।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि छात्राओं के सम्मान से जुड़े मामले को हल्के में नहीं लिया जा सकता। ऐसे मामलों में निष्पक्ष प्रक्रिया और उचित कार्रवाई जरूरी है। भाजपा महिला मोर्चा ने इस मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखने की बात कही।
प्रीति स्वर्णकार बोलीं—नारी सम्मान किसी दल की जागीर नहीं, पूरे समाज की जिम्मेदारी
भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार ने कहा कि महिलाओं का सम्मान किसी एक राजनीतिक दल का विषय नहीं, बल्कि देश की संस्कृति, सभ्यता और सामाजिक मूल्यों से जुड़ा प्रश्न है। छात्राओं से जुड़े गंभीर आरोपों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए और संबंधित सांसद के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की बात करने वालों को ऐसे मामलों में भी स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। महिला मोर्चा नारी सम्मान और स्वाभिमान के मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। प्रदर्शन इसी मांग को मजबूती से सामने रखने के लिए आयोजित किया गया।

धरने से कांग्रेस कार्यालय घेराव तक, भाजपा ने दिखाई संगठनात्मक ताकत
टी.पी. नगर में आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने JNU प्रकरण को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। इसके पश्चात कांग्रेस कार्यालय का घेराव कर मामले में जवाबदेही तय करने और उचित कार्रवाई की मांग उठाई गई। प्रदर्शन के माध्यम से भाजपा ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी केवल बयान जारी करने तक सीमित नहीं हो सकती।
इस अवसर पर राज्य हाथकरधा संघ के अध्यक्ष भोजराम देवांगन, जिला महामंत्री संजय शर्मा एवं अजय विश्वकर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अजय पांडेय, जिला उपाध्यक्ष योगेश जैन एवं रुक्मणी नायर, जिला मंत्री सतीश झा एवं अजय कंवर, महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री संतोषी दीवान, अर्जुन गुप्ता, मनोज राठौर, शैलेन्द्र यादव, संजय राठौर, प्रदीप सिंह, नीरज ठाकुर, अविनाश दुबे, कुलसिंह कंवर, राजेश लहरे, रामनारायण सराफ, बी.डी. शर्मा, मंडल अध्यक्ष डिलेन्द्र यादव, योगेश मिश्रा, मनोज लहरे, मनीष मिश्रा सहित भाजपा के विभिन्न पदाधिकारी, महिला मोर्चा की कार्यकर्ता और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सियासी सवालों के बीच केंद्र में नारी सम्मान
कोरबा में हुए इस प्रदर्शन ने JNU प्रकरण को लेकर स्थानीय राजनीति में महिला सम्मान और राजनीतिक जवाबदेही का मुद्दा फिर से प्रमुखता से उठा दिया है। भाजपा ने कांग्रेस की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए संबंधित सांसद के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। वहीं, ऐसे गंभीर मामलों में आरोपों की निष्पक्ष जांच, तथ्यों के आधार पर निर्णय और जवाबदेही सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
भाजपा महिला मोर्चा का स्पष्ट संदेश है कि महिलाओं और छात्राओं के सम्मान से जुड़े मामलों को केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। अब निगाहें इस बात पर हैं कि संबंधित प्रकरण में जवाबदेही और कार्रवाई को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
