निवेश से छत्तीसगढ़ में खुलेगा रोजगार का नया द्वार, बाढ़ पर राजनीति करने वालों को भाजपा का करारा जवाब
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सांसद संतोष पाण्डेय का कांग्रेस पर पलटवार—साय सरकार उद्योग, निवेश और रोजगार पर काम कर रही, विपक्ष को हर विकास में दिख रही राजनीति
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// रायपुर। छत्तीसगढ़ में निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज संपदा के लिए नहीं, बल्कि निवेश, उद्योग, तकनीक और रोजगार की नई संभावनाओं के लिए भी देश-दुनिया के निवेशकों की नजर में तेजी से उभर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
पाण्डेय ने कहा कि प्रदेश में बड़े निवेश प्रस्तावों का आना केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि आने वाले समय में उद्योगों के विस्तार, स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और रोजगार के नए अवसरों का आधार बन सकता है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक सिंगापुर में छत्तीसगढ़ को ₹43,250 करोड़ की FDI निवेश प्रतिबद्धताएं मिली हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय लगातार देश और विदेश के निवेशकों के साथ संवाद कर रहे हैं। सिंगापुर दौरे में भी छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता, खनिज संसाधनों और निवेश की संभावनाओं को वैश्विक मंच पर रखा गया। निवेश आकर्षित करने का उद्देश्य स्पष्ट है—प्रदेश में उद्योग आएं, आर्थिक गतिविधियां बढ़ें और युवाओं के लिए रोजगार तथा उद्यमिता के नए रास्ते खुलें।
बाढ़ प्रबंधन को लेकर कांग्रेस के सवालों पर भी पाण्डेय ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सरकार का पहला दायित्व राजनीति नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा, राहत और बचाव है। भाजपा नेता ने दावा किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं और शासन-प्रशासन के अधिकारी राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं।
पाण्डेय ने कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर कहा कि विपक्ष को केवल आरोप लगाने के बजाय जमीनी परिस्थितियों को समझना चाहिए। सुखदेव भगत का 6 से 9 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ दौरा प्रस्तावित है, जिसमें बस्तर के विभिन्न कार्यक्रम भी शामिल हैं।
भाजपा सांसद ने कहा कि कांग्रेस को यह समझना होगा कि प्रदेश की जनता विकास, रोजगार और बेहतर प्रशासन चाहती है। सरकार यदि निवेश के लिए देश-दुनिया में जा रही है, उद्योगों को आमंत्रित कर रही है और रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने का प्रयास कर रही है, तो विपक्ष को उसका तथ्यात्मक मूल्यांकन करना चाहिए, न कि हर पहल को राजनीतिक चश्मे से देखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति के बाद प्रदेश में निवेश प्रस्तावों का बड़ा आंकड़ा सामने आया है और ऊर्जा, डेटा सेंटर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल जैसे नए क्षेत्रों में भी संभावनाएं बढ़ रही हैं।
संतोष पाण्डेय ने कहा कि साय सरकार का फोकस स्पष्ट है—निवेश, उद्योग, रोजगार और सुशासन। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के विकास की इस दिशा में विपक्ष को सहयोगात्मक और तथ्याधारित भूमिका निभानी चाहिए। जनता के सामने सरकार के काम और विपक्ष के आरोपों का वास्तविक आकलन स्वयं सामने आ जाएगा।







