हजारों महिला शिक्षिकाओं की आवाज बना महासमुंद सम्मेलन, शिक्षा से लेकर कार्यस्थल सुरक्षा तक उठे अहम मुद्दे
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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// कोरबा। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के तत्वावधान में महासमुंद के आईआर रिसॉर्ट में आयोजित प्रांत स्तरीय महिला शिक्षक सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में प्रदेशभर से हजारों महिला शिक्षिकाएं जुटीं। बस्तर से सरगुजा और बिलासपुर से रायपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा एवं कोरबा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचीं शिक्षिकाओं की मौजूदगी ने सम्मेलन को व्यापक स्वरूप दिया। सम्मेलन में महिला शिक्षकों की भूमिका, उनकी विभागीय समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था में उनके योगदान को लेकर गंभीर चर्चा हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान एवं मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। विशाल सभागार में प्रदेशभर से पहुंचे शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति रही। वक्ताओं ने कहा कि महिला शिक्षक केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बच्चों के संस्कार, व्यक्तित्व और भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। परिवार से लेकर समाज और राष्ट्र के निर्माण तक महिला शिक्षकों का योगदान अहम है।

स्थानांतरण से सुरक्षा तक महिला शिक्षकों के मुद्दों पर मंथन
सम्मेलन में महिला शिक्षकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विभागीय विषय प्रमुखता से उठे। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ जिला कोरबा के जिलाध्यक्ष मानसिंह राठिया ने बताया कि महिला शिक्षकों की ओर से स्थानांतरण में प्राथमिकता, पदोन्नति, मातृत्व अवकाश और कार्यस्थल पर सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोगों को साझा करने तथा संगठन में महिला नेतृत्व को और मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
उन्होंने कहा कि महिला शिक्षकों की समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को उचित मंच तक पहुंचाने के लिए ऐसा सम्मेलन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सम्मेलन के माध्यम से महिला शिक्षकों से जुड़े विषयों पर सामूहिक विचार-विमर्श हुआ और उनके समाधान की दिशा में पहल की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
शिक्षा क्षेत्र में योगदान देने वाले करीब 200 शिक्षक सम्मानित
सम्मेलन के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले तथा सेवानिवृत्त हुए करीब 200 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की गरिमामयी उपस्थिति रही। शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों से जुड़े विभिन्न विषयों पर बैठक आयोजित कर समस्याओं के निराकरण की दिशा में पहल करने की बात कही और उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं का मार्गदर्शन किया।

कोरबा से भी बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने दर्ज कराई उपस्थिति
जिला अध्यक्ष मानसिंह राठिया के नेतृत्व में कोरबा जिले से बड़ी संख्या में महिला शिक्षक एवं शिक्षक सम्मेलन में शामिल हुए। कोरबा की सहभागिता ने जिले की संगठनात्मक सक्रियता को भी सामने रखा। इस अवसर पर कार्यकारी जिला अध्यक्ष डी.डी. साहू, सचिव हबेल सिंह अघरिया, कोषाध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी, संगठन मंत्री छोटेलाल पटेल, जिला उपाध्यक्ष श्रीमती साधना काथले सहित लक्ष्मी कैवर्त, ज्योति सिंह, एस.बी. शेख, डॉ. सीमाराम राज, अश्विनी बंजारे, सुनीता सोनी, उर्मिला चंद्रा, प्रीति शिंदे, सावित्री वैष्णव, सीमा चंद्रा, दीपिका भगत, बीर कुमारी किस्पोट्टा, कमलेश्वरी यादव, कमला दिवाकर, प्रमिला राजवाड़े, वृन्दा यादव, कविता दास, संगीता कंवर, आर.डी. श्रीवास, गुलाब दास महंत, रमेश कुमार चंद्रा, रामनारायण राजवाड़े, छतराम राजवाड़े, संजय राठौर सहित अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
सम्मेलन के सफल आयोजन में प्रांतीय अध्यक्ष संजय सिंह ठाकुर, प्रांतीय संगठन मंत्री ओंकार सिंह ठाकुर, कार्यकारी अध्यक्ष उमेश भारती गोस्वामी, महामंत्री मनोज राय, संभागीय अध्यक्ष डॉ. तरुण सिंह राठौर, संभाग संगठन मंत्री शंकरदयाल साव, संभागीय उपाध्यक्ष राधारमण श्रीवास सहित प्रांतीय पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
महासमुंद जिला अध्यक्ष अनिल पटेल के नेतृत्व में जिला टीम ने सम्मेलन की व्यवस्थाओं को संभाला। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना की। सम्मेलन ने एक ओर शिक्षा क्षेत्र में महिला शिक्षकों के योगदान को सम्मान दिया, वहीं दूसरी ओर उनके अधिकारों, समस्याओं और संगठन में प्रभावी भागीदारी को लेकर संवाद का व्यापक मंच भी उपलब्ध कराया।







