श्रीरामचरितमानस के गूढ़ रहस्यों से होगा चरित्र निर्माण का मंथन, 23 सितंबर को कोरबा में पंडित देवशरण दुबे का विशेष व्याख्यान
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कैकयी की महानता से भरत की आत्मग्लानि और श्रुतकीर्ति के त्याग तक—मानस के अनदेखे पहलुओं पर होगा चिंतन
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा। श्रीरामचरितमानस केवल कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन के संस्कार, कर्तव्य, त्याग, मर्यादा और चरित्र निर्माण का गहन मार्गदर्शन है। इसी भाव को केंद्र में रखते हुए निहारिका गणेशोत्सव समिति एवं सर्वधर्मार्थ कल्याण सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में 23 सितंबर 2026, बुधवार को महानदी कॉम्प्लेक्स परिसर, निहारिका रोड स्थित गणेश पंडाल में “श्रीरामचरितमानस से मानव चरित्र निर्माण” विषय पर एक दिवसीय विशेष व्याख्यान का आयोजन किया जा रहा है।

विशेष व्याख्यान भागवत एवं मानस मर्मज्ञ परम पूज्य पंडित देवशरण दुबे जी द्वारा दोपहर 3 बजे से श्रीरामजी की इच्छा तक किया जाएगा। कार्यक्रम में श्रीरामचरितमानस की प्रसिद्ध चौपाई— “काहु न कोउ सुख दुख कर दाता। निज कृत करम भोग सबु भ्राता।।’’ को केंद्र में रखते हुए कर्म, जीवन की दिशा और मानव चरित्र के विभिन्न आयामों पर गहन एवं चिंतनपरक व्याख्या की जाएगी।
सर्वधर्मार्थ कल्याण सेवा समिति के कोरबा जिला शाखा प्रभारी डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने बताया कि पंडित देवशरण दुबे जी अपने ओजस्वी उद्बोधन के माध्यम से मानस के उन प्रसंगों और पात्रों पर प्रकाश डालेंगे, जिनके भीतर मानव जीवन के लिए गहरे संदेश छिपे हैं। व्याख्यान में माता कैकयी के चरित्र की महानता, भ्राता भरत की आत्मग्लानि एवं पश्चाताप, भ्राता शत्रुघ्न तथा उनकी धर्मपत्नी श्रुतकीर्ति के त्याग, तप और समर्पण सहित अनेक प्रेरणादायी प्रसंगों का विश्लेषण किया जाएगा।
व्याख्यान के माध्यम से यह समझाने का प्रयास होगा कि श्रीरामचरितमानस के पात्र केवल धार्मिक आख्यानों का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि उनके जीवन में कर्तव्य, त्याग, सेवा, समर्पण, धर्मपालन और मर्यादा जैसे ऐसे आदर्श दिखाई देते हैं, जो आज के सामाजिक जीवन में भी उतने ही प्रासंगिक हैं। सुख-दुःख, कर्म और जीवन के निर्णयों को मानस की दृष्टि से समझते हुए व्यक्ति अपने आचरण और चरित्र को किस प्रकार बेहतर बना सकता है, इस पर भी विशेष विमर्श होगा।
आयोजकों के अनुसार कोरबा में होने वाला यह आयोजन मानस प्रेमियों और आध्यात्मिक चिंतन में रुचि रखने वाले लोगों के लिए विशेष अवसर है। श्रीरामचरितमानस के गूढ़ आध्यात्मिक एवं व्यावहारिक पक्षों को सरल और प्रभावशाली ढंग से समझने का अवसर इस व्याख्यान में मिलेगा।
निहारिका गणेशोत्सव समिति एवं सर्वधर्मार्थ कल्याण सेवा समिति ने धर्मप्रेमी, मानसप्रेमी एवं श्रद्धालुजनों से परिवार सहित इस विशेष आध्यात्मिक आयोजन में उपस्थित होकर व्याख्यान का लाभ लेने की अपील की है। कार्यक्रम संबंधी जानकारी के लिए 9826111738 पर संपर्क किया जा सकता है।







