रंगों से सजा विकसित भारत का सपना, भैसमा महाविद्यालय में विद्यार्थियों ने रची देश के भविष्य की अनूठी तस्वीर
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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** भैसमा, कोरबा। सेवा संकल्प अभियान के बीच स्वर्गीय प्यारेलाल कंवर शासकीय महाविद्यालय भैसमा का परिसर शुक्रवार को रंगों की जीवंत दुनिया में बदल गया। छात्र-छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता और कला-कौशल को रंगोली के रूप में उतारते हुए विकसित भारत के सपने को रंगों में आकार दिया। किसी रंगोली में राष्ट्र निर्माण की झलक दिखाई दी तो कहीं विकास, सेवा और जागरूकता का संदेश उभरकर सामने आया।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस विशेष रंगोली प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। अलग-अलग रंगों के खूबसूरत संयोजन और आकर्षक आकृतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि विकसित भारत का सपना केवल विचार नहीं, बल्कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से साकार होने वाला संकल्प है।

कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती साधना खरे की अध्यक्षता में किया गया। प्रतियोगिता के संचालन में डॉ. श्रीमती अर्चना दीवान, डॉ. श्रीमती श्वेता शुक्ला एवं सहायक प्राध्यापक राजू सिंह कंवर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस अवसर पर डॉ. श्रीमती श्वेता शुक्ला ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने रंगोली के माध्यम से विकसित भारत की कल्पना को जिस रचनात्मकता के साथ प्रस्तुत किया है, वह युवाओं की सोच और उनकी सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाता है। युवा शक्ति देश के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है और आने वाली पीढ़ी के लिए सशक्त एवं विकसित भारत का निर्माण सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रतियोगिता में दिखी कला के साथ राष्ट्र निर्माण की सोच
रंगोली प्रतियोगिता केवल कला प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर देश के विकास, सेवा भावना और सामाजिक जागरूकता को मजबूत करने का माध्यम भी बनी। रंगों और आकृतियों के जरिए विद्यार्थियों ने अपने मन में बसे भारत के उज्ज्वल भविष्य को रचनात्मक अभिव्यक्ति दी।
प्रतियोगिता के मूल्यांकन के लिए गठित निर्णायक समिति में सहायक प्राध्यापक पी.के. लहरे, जितेंद्र कुमार कंवर, डॉ. श्रीमती अनुराधा तिर्की एवं दीपेश कुमार ने सहयोग प्रदान किया।
महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ यह सोचने का अवसर दिया कि विकसित भारत का निर्माण केवल सरकार की योजनाओं से नहीं, बल्कि जागरूक, जिम्मेदार और रचनात्मक युवा पीढ़ी की भागीदारी से भी संभव है। रंगोली के प्रत्येक रंग में इसी सोच की झलक दिखाई दी और पूरा परिसर सेवा, सृजन और राष्ट्र निर्माण के संदेश से सराबोर नजर आया।







