जवाली में आधी रात तक चला कन्हैया तिहार का रोमांच, 37 प्रतिभागियों ने चढ़ाई ग्रीस लगी खंभे की चुनौती!
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28 राउंड के संघर्ष के बाद सूरित लाल पटेल ने फोड़ी मटकी, 3001 रुपये का पुरस्कार जीता; 101 बच्चियों को इकबाल मेमन ने भेंट किए रुमाल
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// जवाली। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर ग्राम जवाली में इस बार का “कन्हैया तिहार” भक्ति, लोक संस्कृति, मनोरंजन और प्रतिभा का ऐसा रंग लेकर आया, जिसमें गांव के बच्चे, युवा, बहनें और महिलाएं देर रात तक उत्साह से जुड़े रहे। विभिन्न प्रतियोगिताओं ने आयोजन को जीवंत बनाया, वहीं सबसे ज्यादा रोमांच ग्रीस लगे खंभे पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता में देखने को मिला।
भगवान श्रीकृष्ण की झांकी सजाकर दोपहर करीब 1 बजे विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद एक के बाद एक प्रतियोगिताओं का दौर शुरू हुआ, जिसमें ग्रामीण प्रतिभाओं को अपनी कला और हुनर दिखाने का शानदार अवसर मिला।
रंगोली में दिखी कला की चमक, कृष्ण बनो में नन्हे कलाकारों ने जीता मन
रंगोली प्रतियोगिता में 15 प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में ज्योति ने प्रथम और वाणी ने द्वितीय स्थान हासिल किया।
वहीं “कृष्ण बनो” प्रतियोगिता में आठ बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा के स्वरूप को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। नन्हे कलाकारों की वेशभूषा और प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का ध्यान खींचा। विधायक प्रतिनिधि नरेंद्र कुमार तांडिया सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अतिथियों ने भगवान स्वरूप में सजे बच्चों की पूजा-अर्चना की।
बोरा दौड़ से कुर्सी दौड़ तक, हर मुकाबले में दिखा उत्साह
बोरा दौड़ को चार वर्गों में आयोजित किया गया। अलग-अलग वर्गों में नील पटेल, आयुष, शिवन्या और दिशा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि नारियां, सागर, प्रतिभा और सावनी ने द्वितीय स्थान हासिल किया।
बाल्टी में गेंद डालो प्रतियोगिता में 25 प्रतिभागियों ने भाग लिया। मुकाबला काफी कठिन रहा और निर्धारित लक्ष्य में गेंद डालने में अंकित एवं लव कुमार ही सफल रहे।
कुर्सी दौड़ में लोकेश एवं निर्मला ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बहनों की श्रेणी में साधना तथा महिलाओं की श्रेणी में तीजबाई ने प्रथम स्थान हासिल किया। हेमलता पटेल को द्वितीय स्थान मिला। विजेताओं को साड़ी सहित पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

डांस ग्रुप ने जमाया रंग, आन्या और छाया ग्रुप ने बटोरी तालियां
नृत्य प्रतियोगिता में बेबी ग्रुप, आन्या ग्रुप और छाया ग्रुप ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किया। विजेता प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। बच्चों और युवाओं की प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन में सांस्कृतिक रंग भर दिया।
28 राउंड तक चला जबरदस्त मुकाबला, आधी रात बाद फूटी मटकी
जवाली के कन्हैया तिहार का सबसे बड़ा आकर्षण रही ग्रीस खंभे पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता। इस रोमांचक मुकाबले में 37 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। मटकी तक पहुंचने के लिए प्रतिभागियों को कई प्रयास करने पड़े और मुकाबला लगातार 28 राउंड तक चलता रहा।
आधी रात के बाद आखिरकार कड़ी मेहनत और लगातार प्रयासों के बीच सूरित लाल पटेल ने मटकी फोड़कर प्रथम स्थान हासिल किया। उनकी सफलता पर उपस्थित लोगों ने जमकर तालियां बजाईं। प्रथम विजेता को 3001 रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया।
101 बच्चियों को मिला प्रोत्साहन, इकबाल मेमन की पहल बनी खास आकर्षण
कार्यक्रम की विशेष पहल के रूप में इकबाल मेमन ने प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली सभी 101 बच्चियों को रुमाल भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस पहल की उपस्थित लोगों ने सराहना की।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य सुषमा रवि रजक, जनपद सदस्य कमल किशोर बेलदार, ग्राम सरपंच दिलीश कुमार कंवर, पूर्व पंच रामकिशून पाटले सहित पंच अहिल्या, अशोक कुमार, राम कुमारी, चंद्रपाल सिंह, सुरेंद्र पाल पप्पू एवं हेमलाल पटेल उपस्थित रहे।
कृषक मित्र हेमलाल पटेल एवं विधायक प्रतिनिधि नरेंद्र कुमार तांडिया सहित अन्य उपस्थित अतिथियों ने आयोजन की सराहना की।
आयोजक मंडली और निर्णायकों ने संभाली जिम्मेदारी
कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजक मंडली के मनोज कुमार पटेल, सूरित लाल, हर्ष कुमार, विपुल, गोपाल, महिपाल, हिरऊराम एवं दिनेश सहित अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
समापन सत्र में पुरस्कार वितरण के दौरान बालाराम, श्यामलाल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामवासी उपस्थित रहे।
जय बिहान महिला समिति की लीला रजवाड़े, मूर्ति रजक, विमला, संतोषी एवं सावित्री बाई ने निर्णायक की भूमिका निभाते हुए प्रतियोगिताओं के संचालन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
कार्यक्रम का व्यवस्थित संचालन वीरेंद्र नामदेव एवं पूरन सिंह पटेल ने किया।
भक्ति के साथ प्रतिभा को मिला मंच
जवाली का यह कन्हैया तिहार केवल जन्माष्टमी उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को मंच देने और नई पीढ़ी को लोक संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का संदेश भी दिया। दोपहर की पूजा-अर्चना से शुरू हुआ उत्सव आधी रात के बाद मटकी फूटने तक रोमांच से भरा रहा और ग्रामीणों के लिए यादगार बन गया।







