तबले की थाप पर शौर्य ने रचा सफलता का नया सुर, राष्ट्रीय मंच पर हासिल किया दूसरा स्थान
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5वें प्रणवम् फेस्टिवल में देशभर के कलाकारों के बीच बिखेरी प्रतिभा, सीनियर वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर बढ़ाया बिलासपुर और क्षेत्र का मान
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा लगातार अभ्यास, सुर-ताल की गहरी समझ और गुरुजनों के मार्गदर्शन के दम पर युवा तबला वादक शौर्य वस्त्रकार ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित 5वें प्रणवम् फेस्टिवल के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता एवं परफॉर्मिंग आर्ट्स फेस्टिवल में शौर्य ने तबला वादन की सीनियर श्रेणी में द्वितीय स्थान प्राप्त कर अपने क्षेत्र और संस्था का नाम गौरवान्वित किया।

29 अगस्त से 3 सितंबर 2026 तक आयोजित इस राष्ट्रीय आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में शास्त्रीय एवं गैर-शास्त्रीय संगीत के साथ-साथ नृत्य और वादन की विभिन्न विधाओं में कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। ऐसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर सीनियर श्रेणी में स्थान बनाना शौर्य की मेहनत और संगीत साधना का उल्लेखनीय प्रमाण माना जा रहा है।
ताल, लय और साधना ने दिलाई पहचान
तबला वादन में उत्कृष्ट प्रस्तुति देते हुए शौर्य ने अपनी कला, लयकारी और प्रस्तुति कौशल से निर्णायकों को प्रभावित किया। कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच द्वितीय स्थान हासिल करना उनके लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
शौर्य ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने गुरु पंडित मोरध्वज वैष्णव एवं श्री नवीन दास महंत को दिया। उन्होंने कहा कि गुरुजनों से प्राप्त मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
गुरुजनों और परिजनों ने जताई खुशी
शौर्य की उपलब्धि की जानकारी मिलते ही उनके अभिभावकों, गुरुजनों, मित्रों और शुभचिंतकों में हर्ष का माहौल है। सभी ने उन्हें इस उल्लेखनीय सफलता के लिए बधाई देते हुए भविष्य में और ऊंचे मुकाम हासिल करने की शुभकामनाएं दीं।
शौर्य की सफलता यह संदेश भी देती है कि कला के क्षेत्र में पहचान केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि नियमित रियाज, अनुशासन, धैर्य और गुरु के मार्गदर्शन से निरंतर निखरती है। राष्ट्रीय मंच पर मिली यह उपलब्धि निश्चित रूप से उनकी संगीत यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
स्थानीय प्रतिभा की राष्ट्रीय मंच तक पहुंच
शौर्य वस्त्रकार की उपलब्धि क्षेत्र के उन युवा कलाकारों के लिए भी प्रेरणादायक है, जो संगीत और अन्य कलाओं में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में सीनियर श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त कर शौर्य ने यह साबित किया है कि सीमित संसाधनों के बीच भी यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और साधना निरंतर जारी रहे तो स्थानीय प्रतिभा राष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बना सकती है।
उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र के कला प्रेमियों में भी उत्साह है और उम्मीद की जा रही है कि शौर्य आने वाले समय में तबला वादन के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा को और ऊंचाई तक ले जाएंगे।







