राष्ट्रीय खेल दिवस पर खेल अकादमी कोरबा में दिखा जुनून, मैदान से स्वीमिंग पूल तक गूंजा खिलाड़ियों का जोश
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बास्केटबॉल, फुटबॉल, तैराकी और वॉलीबॉल के इन-हाउस मुकाबलों में प्रशिक्षुओं ने दिखाया दमखम, अनुशासन और टीम भावना बनी आयोजन की पहचान
खेल ही नहीं, व्यक्तित्व निर्माण का भी माध्यम है खेल अकादमी : डॉ. विकास नंदा
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर खेल अकादमी, कोरबा में शनिवार को खेल प्रतिभाओं का उत्साह, ऊर्जा और प्रतिस्पर्धा देखते ही बनी। अकादमी परिसर में आयोजित विभिन्न खेल गतिविधियों ने पूरे माहौल को जीवंत कर दिया। बास्केटबॉल, फुटबॉल, तैराकी एवं वॉलीबॉल के प्रशिक्षुओं के बीच आयोजित रोमांचक इन-हाउस मुकाबलों में खिलाड़ियों ने अपने खेल कौशल के साथ अनुशासन, टीमवर्क और जीत के जज्बे का शानदार प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित इन मुकाबलों का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि नियमित प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे खिलाड़ियों को वास्तविक प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण उपलब्ध कराना और उनके भीतर आत्मविश्वास एवं खेल भावना को मजबूत करना था। मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों ने प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीक, रणनीति और टीम समन्वय को मैदान पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
मैदान से स्वीमिंग पूल तक दिखा जबरदस्त उत्साह
खेल अकादमी में आयोजित गतिविधियों में अलग-अलग खेलों के खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की। फुटबॉल और बास्केटबॉल के मैदान पर जहां खिलाड़ियों के बीच तेज रफ्तार और रणनीति की परीक्षा हुई, वहीं वॉलीबॉल में शानदार तालमेल और टीमवर्क देखने को मिला। तैराकी के प्रशिक्षुओं ने भी अपनी क्षमता और अभ्यास का प्रदर्शन करते हुए आयोजन में रोमांच का रंग भर दिया।
इन-हाउस मुकाबलों ने खिलाड़ियों को एक-दूसरे की खेल तकनीक और रणनीति से सीखने का अवसर भी दिया। प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ खिलाड़ियों ने खेल भावना का परिचय देते हुए अनुशासन और आपसी सम्मान को प्राथमिकता दी।

जीत से ज्यादा महत्वपूर्ण है निरंतर सुधार
इस अवसर पर डॉ. विकास नंदा (PT), प्रशासक, खेल अकादमी, कोरबा ने सभी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक या जीत हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, धैर्य और टीम भावना विकसित करता है।
उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी की वास्तविक सफलता निरंतर अभ्यास और अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार करने में है। हार और जीत प्रतियोगिता का हिस्सा हैं, लेकिन हर मुकाबले से सीख लेकर अगली चुनौती के लिए स्वयं को और बेहतर तैयार करना ही एक खिलाड़ी की पहचान है।
प्रतिभाओं को प्रतिस्पर्धात्मक मंच देने पर जोर
डॉ. नंदा ने कहा कि खेल अकादमी का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को बेहतर खेल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करना है। नियमित प्रशिक्षण के साथ इस प्रकार के इन-हाउस मुकाबले खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन करने, उनकी कमियों को पहचानने और उन्हें प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने खिलाड़ियों से अपने-अपने खेल में पूरी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच के माध्यम से खिलाड़ी अपने लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।
राष्ट्रीय खेल दिवस ने दिया स्वस्थ जीवन और खेल भावना का संदेश
राष्ट्रीय खेल दिवस के आयोजन ने खेल अकादमी के प्रशिक्षुओं के बीच खेलों के प्रति उत्साह बढ़ाने के साथ स्वस्थ जीवनशैली, नियमित व्यायाम और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का संदेश भी दिया। विभिन्न खेलों के इन-हाउस मुकाबलों के माध्यम से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और साथियों से सीखने का अवसर मिला।
आयोजन के दौरान प्रशिक्षकों एवं स्टाफ की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। उनकी देखरेख और मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने पूरे अनुशासन के साथ विभिन्न मुकाबलों में भाग लिया। खेलों के प्रति खिलाड़ियों का उत्साह और मैदान पर उनका जोश राष्ट्रीय खेल दिवस के आयोजन को विशेष बना गया।
खेल अकादमी कोरबा में आयोजित यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि खेल केवल मैदान पर जीतने का नाम नहीं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने, अनुशासन सीखने और बेहतर इंसान बनने की निरंतर प्रक्रिया है।
“खेलेंगे तभी बढ़ेंगे, आगे बढ़ेंगे तभी देश बढ़ेगा” — राष्ट्रीय खेल दिवस पर खेल अकादमी का संदेश
— डॉ. विकास नंदा (PT)
प्रशासक, खेल अकादमी, कोरबा







