रसायन विज्ञान के विकास में जीवन अर्पित करने वाले महान रसायनशास्त्रियों को किया याद
1 min read



कमला नेहरू महाविद्यालय में वैज्ञानिकों के जन्मदिन पर विशेष चर्चा-परिचर्चा, विद्यार्थियों ने साझा की महान वैज्ञानिकों की उपलब्धियां और योगदान
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा, 25 अगस्त 2026। कमला नेहरू महाविद्यालय में मंगलवार को रसायन विज्ञान के विकास में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले महान वैज्ञानिकों को याद करते हुए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के रसायनशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अगस्त माह में जन्म लेने वाले महान रसायनशास्त्रियों के जीवन, संघर्ष, वैज्ञानिक उपलब्धियों और रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में एमएससी प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर रसायनशास्त्र के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने महान वैज्ञानिकों की जीवनी प्रस्तुत करते हुए यह बताया कि उनके शोध और खोजों ने आधुनिक रसायन विज्ञान को किस प्रकार नई दिशा प्रदान की। भारतीय रसायनशास्त्र के जनक कहे जाने वाले आचार्य प्रफुलचंद्र राय, एंटोनी लेवोजियर, जॉर्ज डी हेवेसी, जॉन जैकोब बर्जीलियस तथा काइची तमाका के योगदान पर विशेष चर्चा हुई।
इस दौरान छात्रा नैन्सी बैरागी ने आचार्य प्रफुलचंद्र राय, नूपुर श्रीवास ने जॉर्ज डी हेवेसी, खुशी श्रीवास ने जॉन जैकोब बर्जीलियस तथा सोनाक्षी शर्मा ने काइची तमाका के जीवन एवं वैज्ञानिक योगदान पर प्रकाश डाला। वहीं शोएब अली एवं भारती आदित्य की जोड़ी ने एंटोनी लेवोजियर की जीवनी प्रस्तुत करते हुए रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण कार्यों और योगदान को विस्तार से साझा किया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत बोपापुरकर एवं रसायनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. गायत्री साहू ने ज्ञान की देवी मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद विद्यार्थियों द्वारा क्रमशः महान वैज्ञानिकों के जीवन और उपलब्धियों पर प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और प्राध्यापकों के बीच ज्ञानवर्धक संवाद एवं विचारों का आदान-प्रदान भी हुआ।
प्राचार्य ने कहा—इतिहास से जुड़कर ही भविष्य के शोध की राह होती है मजबूत
विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों के बाद प्राचार्य डॉ. प्रशांत बोपापुरकर ने कहा कि विज्ञान हो या कला, प्रत्येक विषय में समय-समय पर इस प्रकार की चर्चा-परिचर्चा और ज्ञानवर्धक गतिविधियां आयोजित होती रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपने विषय के गौरवशाली इतिहास और महान वैज्ञानिकों के संघर्ष एवं उपलब्धियों को जानने का अवसर मिलता है। साथ ही विद्यार्थी विज्ञान एवं शोध के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास, अनुसंधान और सूचनाओं से भी लगातार अपडेट रहते हैं।
उन्होंने कहा कि महान वैज्ञानिकों के जीवन से विद्यार्थियों को केवल वैज्ञानिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि मेहनत, जिज्ञासा, अनुशासन, प्रयोगधर्मिता और निरंतर सीखने की प्रेरणा भी मिलती है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में अपने विषय के प्रति रुचि और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्राध्यापकों ने भी बढ़ाया विद्यार्थियों का ज्ञान
कार्यक्रम में रसायनशास्त्र विभाग के प्राध्यापक प्रतीक यादव एवं विजेंद्र नामदेव ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने महान रसायनशास्त्रियों के वैज्ञानिक योगदान से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों का ज्ञानवर्धन किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने महान वैज्ञानिकों की उपलब्धियों को करीब से समझने के साथ-साथ रसायन विज्ञान के गौरवशाली इतिहास और आधुनिक शोध की दिशा से भी परिचित होने का अवसर प्राप्त किया।
कमला नेहरू महाविद्यालय के रसायनशास्त्र विभाग का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, प्रेरणा और वैज्ञानिक सोच का प्रभावी मंच बना, जहां महान वैज्ञानिकों को उनके जन्मदिन पर स्मरण करते हुए उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास किया गया।







