लिवर की सेहत पर मंथन: आयुष चिकित्सकों ने दिया नशामुक्त जीवन का संदेश
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चिकित्सक सम्मेलन में यकृत रोगों के कारण, बचाव और उपचार पर हुआ विस्तृत संवाद; अंचल में निःशुल्क जांच-परामर्श शिविर लगाने की पहल
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा। स्वस्थ शरीर के लिए स्वस्थ यकृत यानी लिवर का होना बेहद जरूरी है, लेकिन बदलती जीवनशैली और नशीले पदार्थों के बढ़ते सेवन के कारण यकृत संबंधी बीमारियां चिंता का विषय बनती जा रही हैं। इसी महत्वपूर्ण विषय को लेकर आयुष मेडिकल एसोसिएशन कोरबा एवं हिमालया फार्मा जेंड्रा डिवीजन, बेंगलुरु के संयुक्त तत्वावधान में होटल श्री गणेश इन में आयुष चिकित्सकों का विशेष चिकित्सक सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में “यकृत रोग” (लिवर डिसीज) विषय पर संभाषा परिषद के रूप में चिकित्सकों ने गहन चर्चा की।
धन्वंतरि पूजन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ आयुर्वेद के प्रवर्तक भगवान धन्वंतरि के तैलचित्र पर चिकित्सकों द्वारा माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ विधिवत पूजन-अर्चन कर किया गया। इसके बाद यकृत रोगों से संबंधित महत्वपूर्ण चिकित्सकीय पहलुओं पर चर्चा का दौर शुरू हुआ।
लिवर रोगों के कारण और निदान पर विशेषज्ञ ने दी जानकारी
हिमालया फार्मा के साइंटिफिक सर्विसेस मैनेजर डॉ. अंकित तिवारी ने यकृत रोगों के विभिन्न कारणों, उनसे जुड़े जोखिमों और निदान के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने चिकित्सकों के साथ चर्चा करते हुए कहा कि क्षेत्र में यकृत संबंधी रोगों को लेकर व्यापक जनजागरूकता की आवश्यकता है।

उन्होंने आयुष चिकित्सकों के सहयोग से अंचल में निःशुल्क जांच, परामर्श एवं उपचार शिविर आयोजित करने की दिशा में पहल करने की बात कही, ताकि लोगों को लिवर संबंधी बीमारियों के प्रति जागरूक करने के साथ समय पर चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराई जा सके।
“स्वस्थ लिवर के लिए नशे से दूरी जरूरी”
आयुष मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. नागेन्द्र नारायण शर्मा ने कहा कि लिवर से संबंधित अनेक समस्याओं के पीछे नशीले पदार्थों का सेवन एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक हो सकता है। उन्होंने विशेष रूप से अल्कोहल के सेवन से बचने पर जोर देते हुए चिकित्सकों से स्वयं भी नशे से दूर रहने तथा अपने मरीजों को भी नशामुक्त जीवन के लिए निरंतर जागरूक करने का आह्वान किया।
उन्होंने डॉ. अंकित तिवारी द्वारा प्रस्तावित निःशुल्क जांच एवं परामर्श शिविरों के आयोजन में आयुष मेडिकल एसोसिएशन की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया।
चिकित्सकों के बीच हुआ उपयोगी विचार-विमर्श
सम्मेलन में यकृत रोगों की रोकथाम, जागरूकता, चिकित्सकीय परामर्श और आम लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी पहुंचाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। चिकित्सकों ने इस बात पर जोर दिया कि बीमारी के प्रति जागरूकता और समय पर विशेषज्ञ की सलाह लोगों के स्वास्थ्य संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
जिलेभर के आयुष चिकित्सकों की रही सहभागिता
सम्मेलन में आयुष मेडिकल एसोसिएशन के संरक्षक डॉ. उदय शर्मा, डॉ. जे.पी. चंद्रा, डॉ. अतुल धाबू, डॉ. प्रदीप देवांगन, अध्यक्ष डॉ. नागेन्द्र नारायण शर्मा, सचिव डॉ. राजीव गुप्ता, कोषाध्यक्ष डॉ. संजय वैष्णव सहित कार्यकारिणी सदस्य डॉ. उपमा नायक, डॉ. हेमंत पटेल, डॉ. अरविन्द साहू, डॉ. सुरेन्द्र मिश्रा, डॉ. अमित मिश्रा, डॉ. प्रियदर्शनी मिश्रा, डॉ. हीतेश गभेल, डॉ. अक्षय कश्यप, डॉ. सागीर खान, डॉ. योगेश साहू, डॉ. अजय निर्मलकर, डॉ. जितेंद्र नारायण शर्मा, डॉ. ललित साहू, डॉ. प्रदीप कश्यप एवं डॉ. अश्विनी आर्य उपस्थित रहे।
इसके अलावा हिमालया फार्मा बेंगलुरु के साइंटिफिक सर्विसेस मैनेजर डॉ. अंकित तिवारी, रीजनल मैनेजर रमेश गुप्ता एवं फार्मा सेल्स ऑफिसर कमल धारिया सहित आयुष मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी, सदस्य एवं जिले के बड़ी संख्या में बी.ए.एम.एस. चिकित्सकों ने सम्मेलन में सहभागिता की।
सम्मेलन का मुख्य संदेश यही रहा कि लिवर की सेहत को लेकर जागरूकता, संतुलित जीवनशैली और नशे से दूरी को प्राथमिकता देकर यकृत संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।







