भूपेश बघेल पहले अपने पांच साल का हिसाब दें, फिर भाजपा सरकार से सवाल करें : केदार कश्यप
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आरोपों की राजनीति से नहीं छिपेंगी कांग्रेस शासन की नाकामियां, पीएम आवास से लेकर शिक्षा और शराब-सट्टे तक हर मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री को घेरा
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भाजपा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने तीखा और आक्रामक पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद भूपेश बघेल की राजनीति आरोप, भ्रम और सनसनी फैलाने तक सीमित रह गई है। एक ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री आवास, स्कूल, पेपर लीक, ट्रांसफर, खनिज, शराब और सट्टे जैसे अलग-अलग मुद्दों को जोड़कर भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश करने से कांग्रेस शासन के पांच साल की नाकामियां नहीं छिप सकतीं।
केदार कश्यप ने कहा कि भूपेश बघेल को भाजपा सरकार पर सवाल उठाने से पहले अपने पांच साल के शासन का पूरा हिसाब छत्तीसगढ़ की जनता के सामने रखना चाहिए। जनता ने कांग्रेस का शासन देखा है और यह भी देखा है कि उस दौरान गरीबों, किसानों, युवाओं, शिक्षा, रोजगार और विकास से जुड़े मुद्दों पर सरकार का रवैया क्या रहा।
पीएम आवास पर कांग्रेस का रिकॉर्ड ही सबसे बड़ा सवाल
केदार कश्यप ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि गरीबों के पक्के मकान का सपना कांग्रेस शासन में क्यों अटका रहा, इसका जवाब भूपेश बघेल को देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिन गरीब परिवारों को अपने सिर पर पक्की छत का इंतजार था, आज वही कांग्रेस प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने केवल इसलिए गरीबों के आवास के मामले में बाधा खड़ी की क्योंकि योजना के नाम में प्रधानमंत्री शब्द जुड़ा था।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने सत्ता संभालते ही गरीबों के आवास को प्राथमिकता दी और लंबित आवासों की स्वीकृति की दिशा में निर्णायक कदम उठाए। भाजपा सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है कि पात्र गरीब परिवार को पक्का मकान मिले और उसे सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार मिले।
पेपर लीक पर राजनीति नहीं, दोषियों पर कार्रवाई जरूरी
पेपर लीक के आरोपों पर भी मंत्री कश्यप ने पूर्व मुख्यमंत्री को घेरा। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार गंभीर है और जांच के बाद दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले राजनीतिक निष्कर्ष निकालना और हर मामले में भाजपा का नाम जोड़कर सनसनी पैदा करना कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक शैली है। सरकार का रुख स्पष्ट है—दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून अपना काम करेगा।
‘ट्रांसफर उद्योग’ के आरोप पर प्रमाण दिखाएं भूपेश
शिक्षा विभाग में कथित ट्रांसफर उद्योग के आरोपों पर केदार कश्यप ने सीधा चुनौतीपूर्ण सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री के पास किसी प्रकार के भ्रष्टाचार या अनियमितता के ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक करें और संबंधित एजेंसियों के सामने रखें।
उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण आरोप लगाना आसान है, लेकिन प्रमाण के साथ आरोप सिद्ध करना कठिन। कांग्रेस को केवल राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय तथ्य सामने रखने चाहिए।
पांच साल सत्ता में रहे, तब स्कूलों की याद क्यों नहीं आई?
स्कूलों की बदहाली को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर मंत्री कश्यप ने कहा कि पांच साल तक प्रदेश की सत्ता कांग्रेस के हाथ में थी। उस समय शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठने वाले सवालों की जिम्मेदारी भी कांग्रेस सरकार की ही थी।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार स्कूलों में अधोसंरचना, विद्यार्थियों की सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है। कांग्रेस को पहले यह बताना चाहिए कि उसके पांच साल के शासन में शिक्षा व्यवस्था में कितना सुधार हुआ और आज वह किन उपलब्धियों का दावा कर सकती है।
खनिज संपदा पर भ्रम फैलाना बंद करे कांग्रेस
खनिज संशोधन विधेयक को लेकर लगाए गए आरोपों पर भी केदार कश्यप ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक संसाधन प्रदेश की संपदा हैं और भाजपा सरकार प्रदेश के हितों, विकास, रोजगार और संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखकर निर्णय ले रही है।
उन्होंने कहा कि तथ्यों को सामने रखे बिना खनिज संसाधनों को लेकर भय और भ्रम का माहौल बनाना कांग्रेस की राजनीतिक मजबूरी बन चुकी है। छत्तीसगढ़ के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
शराब और सट्टे पर सवाल उठाने से पहले अपना शासन याद करे कांग्रेस
शराब और सट्टे को लेकर कांग्रेस द्वारा भाजपा सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों पर मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को पहले अपने शासनकाल में इन मुद्दों पर उठे सवालों का जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पांच साल तक सत्ता में रहने के बाद अब विपक्ष में बैठकर उन्हीं मुद्दों को लेकर सरकार को घेरना जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश है। जनता सब देख चुकी है और अब केवल राजनीतिक आरोपों से उसे गुमराह नहीं किया जा सकता।
‘आरोपों की लंबी सूची’ से नहीं मिटेगा कांग्रेस शासन का रिकॉर्ड
केदार कश्यप ने कहा कि भूपेश बघेल चाहे हर सप्ताह नई प्रेस कॉन्फ्रेंस करें और आरोपों की नई सूची जारी करें, लेकिन इससे कांग्रेस सरकार के पांच साल का रिकॉर्ड नहीं बदलेगा।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता अब आरोपों की राजनीति नहीं, काम और परिणाम की राजनीति चाहती है। भाजपा सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकास, सुशासन और जनकल्याण के एजेंडे पर आगे बढ़ रही है।
मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के पास यदि भाजपा सरकार के खिलाफ कोई आरोप है तो वह नारे और बयान नहीं, तथ्य और प्रमाण के साथ जनता के सामने आए। उन्होंने कहा कि विपक्ष की जिम्मेदारी केवल आरोप लगाना नहीं, बल्कि अपने शासनकाल का भी जवाब देना है।
उन्होंने दो टूक कहा, “भूपेश बघेल जी पहले अपने पांच साल का हिसाब दें, फिर भाजपा सरकार से सवाल करें। झूठे आरोपों की लंबी सूची बनाकर कांग्रेस अपने शासनकाल की नाकामियों को नहीं छिपा सकती।”
केदार कश्यप ने कहा कि भाजपा सरकार का जवाब साफ है—भ्रम नहीं, तथ्य; आरोप नहीं, कार्रवाई; राजनीतिक नौटंकी नहीं, विकास और सुशासन। छत्तीसगढ़ की जनता अब बयानबाजी से नहीं, सरकार के काम और उसके परिणामों से फैसला करेगी।







