August 16, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

 

80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में गूंजे भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष
“स्वतंत्रता का अर्थ स्वच्छंदता नहीं, बल्कि अनुशासित एवं नियमयुक्त जीवन है” — नाड़ीवैद्य पंडित शिव कुमार शर्मा
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**  कोरबा। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर महानदी कॉम्प्लेक्स, निहारिका में राष्ट्रभक्ति, उत्साह और उल्लास से ओतप्रोत वातावरण में स्वतंत्रता दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में श्री शिव औषधालय के संस्थापक एवं नाड़ीवैद्य पंडित शिव कुमार शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारी बंधुओं एवं नागरिकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय ध्वज के विधिवत पूजन के साथ हुआ। इसके पश्चात मुख्य अतिथि नाड़ीवैद्य पंडित शिव कुमार शर्मा ने ध्वजारोहण किया। जैसे ही तिरंगा आसमान में शान से लहराया, उपस्थित लोगों ने राष्ट्रगान के साथ राष्ट्र के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान प्रकट किया। राष्ट्रगान के पश्चात “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के गगनभेदी जयघोष से पूरा महानदी कॉम्प्लेक्स परिसर राष्ट्रभक्ति की भावना से गूंज उठा।

 

 

स्वतंत्रता के साथ अनुशासन भी जरूरी — पंडित शिव कुमार शर्मा
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि नाड़ीवैद्य पंडित शिव कुमार शर्मा ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वतंत्रता केवल बंधनों से मुक्ति का नाम नहीं है, बल्कि यह जिम्मेदारी, अनुशासन और नियमों के पालन का भी संदेश देती है। उन्होंने विशेष रूप से स्वतंत्रता और स्वच्छंदता के बीच के अंतर को समझाते हुए कहा कि “स्वतंत्रता का अर्थ स्वच्छंदता नहीं, बल्कि अनुशासित एवं नियमयुक्त कर्म है।”
उन्होंने कहा कि स्वस्थ और निरोगी जीवन के लिए भी अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। व्यक्ति यदि अपने जीवन में उचित नियमों, संयम और व्यवस्थित दिनचर्या को अपनाता है तो वह बेहतर स्वास्थ्य की ओर अग्रसर हो सकता है।
पंडित शिव कुमार शर्मा ने स्वतंत्रता शब्द की व्याख्या करते हुए कहा कि “स्व” अर्थात स्वयं और “तंत्र” अर्थात नियम एवं प्रबंधयुक्त व्यवस्था। इस दृष्टि से स्वतंत्रता का वास्तविक भाव अपने जीवन को उचित नियमों और अनुशासन के अनुसार संचालित करना है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद शास्त्र में भी स्वस्थ जीवन के लिए अनेक नियम और जीवन-पद्धतियां बताई गई हैं, जिनका पालन व्यक्ति को निरोगी जीवन की दिशा में आगे बढ़ाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छंदता का अर्थ नियंत्रणहीन व्यवहार हो सकता है, जबकि स्वतंत्रता जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ प्राप्त अधिकारों का सदुपयोग करने का नाम है। नियमयुक्त एवं नियंत्रित जीवनशैली ही स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन की आधारशिला है।
ऊर्जामयी अंदाज में हुआ कार्यक्रम का संचालन
स्वतंत्रता दिवस समारोह का संचालन नेत्रनंदन साहू ने अपनी ऊर्जामयी एवं प्रभावशाली वाणी में किया। उन्होंने कार्यक्रम को क्रमबद्ध रूप से आगे बढ़ाते हुए उपस्थित लोगों में राष्ट्रभक्ति और उत्साह का संचार किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर महानदी कॉम्प्लेक्स के कार्यकारी अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने उपस्थित सभी अतिथियों, व्यापारी बंधुओं एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
बड़ी संख्या में व्यापारी एवं नागरिक रहे उपस्थित
स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि नाड़ीवैद्य पंडित शिव कुमार शर्मा के साथ महानदी कॉम्प्लेक्स के हरेंद्र साहू, विजेंद्र गुप्ता, फिरोज मेमन, विकास अग्रवाल, सचिन अग्रवाल, संजय अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा, प्रतिभा शर्मा, डॉ. वागेश्वरी शर्मा, पवन मोदी, संतोष शर्मा, अनंत केजरीवाल, कैलाश अग्रवाल, नीलेश भोजासिया, रजत कर, विमल जैन, दीपक श्रीवास, विनोद शर्मा, प्रतीक मोदी, समीर श्रीवास, प्रमोद जांगड़े, सुधीर सक्सेना, नेत्रनंदन साहू, कुश गुप्ता, अश्विनी बुनकर, अरुण मानिकपुरी, कमल धारिया, देवबलि कुंभकार, कंवल चंद्रा, हिमांशु साहू, सुधा श्रीवास, सिद्धराम शाहनी, अनुराग कंवर, गुनगुन राठिया, शैल निषाद, पिंकी बरेठ, सहदेव यादव, दयांश नारायण शर्मा एवं हर्ष नारायण शर्मा सहित बड़ी संख्या में व्यापारी बंधु एवं नागरिकगण उपस्थित रहे।
समारोह ने न केवल देश के स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना को अभिव्यक्त किया, बल्कि उपस्थित लोगों को यह संदेश भी दिया कि स्वतंत्रता के अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों, जिम्मेदारियों और अनुशासन का पालन करना ही सच्चे अर्थों में स्वतंत्र जीवन की पहचान है।

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.