विकास के दावों के बीच धनगांव का कड़वा सच! उफनते कोसमनाला में जान हथेली पर रखकर रास्ता पार कर रहे ग्रामीण
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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा। बारिश ने एक बार फिर अजगरबहार से कोसगाई जाने वाले मार्ग पर ग्राम पंचायत धनगांव स्थित कोसमनाला की बदहाल व्यवस्था की पोल खोल दी है। तेज बारिश के बाद कोसमनाला उफान पर है और पानी का बहाव बढ़ने से ग्रामीणों की आवाजाही बेहद मुश्किल हो गई है। हालात ऐसे हैं कि जरूरी काम से आने-जाने वाले लोगों को उफनते पानी के बीच जोखिम उठाकर रास्ता पार करना पड़ रहा है।
सामने आए वीडियो में इस पूरे हालात की जमीनी तस्वीर साफ दिखाई दे रही है। पानी के तेज बहाव के बीच लोगों की आवाजाही देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि बारिश के दिनों में ग्रामीण किस तरह की परेशानी झेल रहे हैं। यह सिर्फ असुविधा का मामला नहीं, बल्कि सुरक्षित आवागमन और ग्रामीणों की जिंदगी से जुड़ा गंभीर सवाल है।
हर बरसात में वही कहानी, आखिर कब बदलेगी तस्वीर?
अजगरबहार से कोसगाई जाने वाला मार्ग ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। लेकिन जैसे ही बारिश तेज होती है, धनगांव का कोसमनाला इस पूरे मार्ग की कनेक्टिविटी के सामने बड़ी बाधा बन जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में नाले का जलस्तर बढ़ने के कारण आवागमन में भारी परेशानी होती है। कई बार लोगों को आवश्यक कार्यों के लिए भी जोखिम उठाकर इस रास्ते से गुजरना पड़ता है। साल-दर-साल समस्या सामने आने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जनप्रतिनिधियों ने उठाई आवाज, फिर भी समाधान का इंतजार
स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा इस समस्या से शासन-प्रशासन को कई बार अवगत कराने की बात सामने आई है। ग्रामीणों की लंबे समय से मांग है कि कोसमनाला पर मजबूत और स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान यह मार्ग बाधित न हो।
लेकिन सवाल यही है कि जब समस्या पहले से ज्ञात है और बार-बार प्रशासन के संज्ञान में लाई जा चुकी है, तो फिर स्थायी समाधान की दिशा में निर्णायक कदम कब उठाया जाएगा?
वीडियो ने सामने ला दी जमीनी हकीकत
कोसमनाला का सामने आया वीडियो किसी रिपोर्ट या दावे से ज्यादा प्रभावी ढंग से वहां की स्थिति को बयां करता है। वीडियो में ग्रामीणों को पानी के बीच से रास्ता पार करते हुए देखा जा सकता है। उफनते नाले का बहाव और उसके बीच लोगों की आवाजाही यह बताने के लिए पर्याप्त है कि ग्रामीणों के सामने कितनी कठिन परिस्थिति है।
बारिश के दौरान अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति में ऐसी आवाजाही और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। ऐसे में ग्रामीणों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
ग्रामीणों का सीधा सवाल—पुल कब बनेगा?
ग्रामीणों की मांग अब किसी अस्थायी इंतजाम तक सीमित नहीं है। वे चाहते हैं कि धनगांव के कोसमनाला पर स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए, जिससे अजगरबहार से कोसगाई मार्ग पर वर्षभर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क होने के बावजूद यदि बरसात में एक नाला पूरी आवाजाही रोक देता है, तो संपर्क व्यवस्था अधूरी ही मानी जाएगी। इसलिए इस समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है।
अब प्रशासन को लेना होगा संज्ञान
धनगांव के कोसमनाला की स्थिति ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी संपर्क सुविधाओं को लेकर योजनाओं का लाभ जमीन पर कितना पहुंच रहा है। बारिश हर साल आती है, नाला हर साल उफनता है और परेशानी भी हर साल सामने आती है—लेकिन समाधान अब भी इंतजार में है।
अब जरूरत है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर स्थायी पुल निर्माण की दिशा में ठोस पहल करे, ताकि आने वाले वर्षों में ग्रामीणों को उफनते पानी के बीच जोखिम उठाकर रास्ता पार करने की मजबूरी से छुटकारा मिल सके।
धनगांव का कोसमनाला आज सिर्फ एक नाला नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा, सुविधा और वर्षों से लंबित स्थायी समाधान का बड़ा सवाल बनकर सामने खड़ा है।







