निलंबन, महिला उत्पीड़न और सत्ता का डर! होमगार्ड विभाग पर फिर उठे गंभीर सवाल



कोरबा के बाद अब कवर्धा में भी कमांडेंट की कार्यप्रणाली पर उठने लगे सवाल, जवान की आत्महत्या के बाद मचा हड़कंप
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***//**// कवर्धा/कोरबा। छत्तीसगढ़ के होमगार्ड विभाग में महिला उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और पद के दुरुपयोग के आरोप लगातार गहराते जा रहे हैं। पहले कोरबा जिले में महिला सैनिकों और जवानों द्वारा विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे, वहीं अब कबीरधाम जिले के कवर्धा में एक निलंबित होमगार्ड जवान की आत्महत्या के बाद विभाग फिर सवालों के घेरे में आ गया है। जवान की मौत के बाद सोशल मीडिया और विभागीय गलियारों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि कवर्धा जिले के छिरहा स्थित होमगार्ड कार्यालय परिसर में नगर सैनिक विनोद मेरावी ने बैरक के बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक कुछ दिनों से निलंबित चल रहा था। सूत्रों के अनुसार विभागीय दबाव और लगातार मानसिक तनाव के चलते वह परेशान था। घटना के बाद जवानों के बीच आक्रोश का माहौल देखा जा रहा है।
इधर, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ कथित व्हाट्सएप चैट और महिला से बातचीत के स्क्रीनशॉट ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। दावा किया जा रहा है कि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी पर महिला सैनिकों से अनुचित व्यवहार और दबाव बनाने जैसे आरोप लग रहे हैं। हालांकि इन वायरल चैट और तस्वीरों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इनके सामने आने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
जवानों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि विभाग में अधिकारियों द्वारा अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए कभी भी किसी सैनिक को सस्पेंड या बर्खास्त कर दिया जाता है। कई कर्मचारियों का आरोप है कि विरोध करने वालों पर कार्रवाई का डर दिखाया जाता है, जिससे जवान मानसिक दबाव में रहते हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले कोरबा जिले में भी होमगार्ड विभाग के अधिकारियों पर महिला उत्पीड़न और मनमानी के आरोप सामने आए थे। उस मामले ने प्रदेशभर में सुर्खियां बटोरी थीं। अब कवर्धा की घटना ने एक बार फिर विभागीय व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
मामले को लेकर पुलिस जांच में जुटी हुई है। वहीं विभागीय स्तर पर भी अंदरूनी चर्चा तेज हो गई है। जवान की आत्महत्या के पीछे केवल व्यक्तिगत कारण थे या फिर विभागीय प्रताड़ना और दबाव भी इसकी वजह बना, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पूरे मामले ने होमगार्ड विभाग की छवि को झकझोर कर रख दिया है।


