*मुख्यमंत्री साय ने ज्योतिबा फुले को पुष्पांजलि अर्पित की*



*महात्मा फुले ने लोगों के मन में आशा और आत्मविश्वास जगाया – मुख्यमंत्री साय*
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले जी की जयंती पर शनिवार को उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत के महान समाज सुधारकों में से एक और पीढ़ियों को दिशा दिखाने वाले महात्मा ज्योतिराव फुले जी का यह 200वाँ जयंती वर्ष है। महान समाज सुधारक महात्मा फुले का जीवन नैतिक साहस, आत्म चिंतन और समाज के हित के लिए अटूट समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। महात्मा फुले ने लोगों के मन में जो आशा और आत्मविश्वास का भाव जगाया, उसका व्यापक प्रभाव हम आज भी महसूस करते हैं। उनके विचार देशवासियों के लिए प्रेरणापुंज हैं। उन्होंने हमेशा यह माना कि चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएं, इंसान को मेहनत करनी चाहिए, ज्ञान हासिल करना चाहिए और समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उनका मानना था कि ज्ञान किसी एक वर्ग की संपत्ति नहीं, बल्कि एक ऐसी शक्ति है, जिसे सभी के साथ साझा किया जाना चाहिए। जब समाज के बड़े हिस्से को शिक्षा से वंचित रखा जाता था, तब उन्होंने लड़कियों और वंचित वर्गों के लिए स्कूल खोले। शिक्षा के प्रति उनका दृष्टिकोण हमें आज भी बहुत प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महात्मा फुले ने गरीबों, वंचितों और कमजोर वर्गों को सम्मान दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। अपने शैक्षिक ज्ञान और बौद्धिकता से महात्मा फुले ने कृषि, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों की गहरी जानकारी हासिल की। उनका जीवन हमें सिखाता है कि समाज की शक्ति को जनहित और नैतिक मूल्यों से जोड़कर भारत में क्रांतिकारी बदलाव लाए जा सकते हैं। यही कारण है कि आज भी उनके विचार करोड़ों लोगों में नई उम्मीद जगाते हैं।
इस दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, प्रदेश मंत्री अमित साहू, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, सह कार्यालय मंत्री प्रीतेश गांधी, रायपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष श्याम नारंग, कार्यक्रम संयोजक डॉ.कुन्ती देवी जागडे, प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी मितुल कोठारी, हरिनाथ खूंटे, राजेश्वर भार्गव, बसंत बाग, ख़ेमराज बकरे, अनिल सोनवानी, अवध राम बघेल उपस्थित थे।


