एआई समिट में अशोभनीय प्रदर्शन पर सियासी संग्राम: भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया ‘देश को बदनाम करने’ का आरोप


सोशल मीडिया वीडियो को बताया सुनियोजित अभियान, कांग्रेस नेतृत्व से बिना शर्त माफी की मांग
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//**रायपुर। राजधानी में आयोजित एआई समिट के दौरान कथित अशोभनीय प्रदर्शन को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि यह घटना देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को धूमिल करने की साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
श्री ठोकने ने आरोप लगाया कि एआई समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस प्रकार का प्रदर्शन आकस्मिक नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि यह एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है, जिसका उद्देश्य कार्यक्रम को विवादों में लाकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और पोस्ट इस बात की ओर संकेत करते हैं कि कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर समन्वित तरीके से सामग्री साझा की गई।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि किसी भी राजनीतिक दल या उससे जुड़े संगठनों की भूमिका सामने आती है, तो संबंधित नेतृत्व को देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध का अधिकार है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की गरिमा को आघात पहुंचाना स्वीकार्य नहीं हो सकता।
इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा कॉमनवेल्थ गेम्स का उदाहरण दिए जाने पर भी भाजपा ने पलटवार किया। श्री ठोकने ने कहा कि उस समय भाजपा ने आयोजन का नहीं, बल्कि कथित भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन का विरोध किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में वित्तीय अनियमितताओं के कई मामले सामने आए थे, जिनकी जांच भी हुई थी।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं—राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मणिशंकर अय्यर और दिग्विजय सिंह—का नाम लेते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजनीति में जिम्मेदार आचरण अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता या देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की मंशा सिद्ध होती है, तो यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक होगा।
उल्लेखनीय है कि एआई समिट के दौरान हुई घटना को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां भाजपा इसे सुनियोजित साजिश बता रही है, वहीं कांग्रेस की ओर से अब तक इस पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान राजनीतिक संवेदनशीलता और संयम अत्यंत आवश्यक है, ताकि देश की वैश्विक प्रतिष्ठा प्रभावित न हो। अब देखना होगा कि इस मामले में जांच या आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद स्थिति किस दिशा में जाती है।

